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Stock Market: 3 दिनों की तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग, इन 4 वजहों से बाजार पर बना दबाव

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 12:08 IST

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सारांश

Stock Market: IT, मीडिया, मेटल शेयर जैसे खास सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। मंगलवार को अपनी 3 दिन की तेजी को आगे बढ़ाते हुए, सेंसेक्स 208.17 पॉइंट चढ़कर 84,273.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.85 पॉइंट चढ़कर 25,935.15 पर बंद हुआ। लगातार 3 दिनों की तेजी के बाद अब निवेशकों ने मुनाफा निकालना बेहतर समझा।

Stock Market

Stock Market: बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 90.62 पर आ गया।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार आज 11 फरवरी को दबाव में है। BSE Sensex ने एक समय पर 214 अंकों की बढ़त के साथ 84,487.34 के स्तर को छू लिया था। हालांकि यह तेजी बरकरार नहीं रह सकी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Sensex में 10.98 अंकों की मामूली गिरावट थी। दूसरी तरफ Nifty 50 ने आज इंट्राडे में 26,009.40 के स्तर को छू लिया, लेकिन बाद में यह 25909.85 के स्तर तक लुढ़ गया। यहां हम समझेंगे कि बाजार में इस कमजोरी के पीछे क्या वजह है।
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प्रॉफिट बुकिंग

IT, मीडिया, मेटल शेयर जैसे खास सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई। मंगलवार को अपनी 3 दिन की तेजी को आगे बढ़ाते हुए, सेंसेक्स 208.17 पॉइंट चढ़कर 84,273.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 67.85 पॉइंट चढ़कर 25,935.15 पर बंद हुआ। लगातार 3 दिनों की तेजी के बाद अब निवेशकों ने मुनाफा निकालना बेहतर समझा।

रुपये में गिरावट

बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 6 पैसे गिरकर 90.62 पर आ गया। भू-राजनीतिक तनाव और आयातकों की डॉलर की मांग बढ़ने से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी। इसके चलते भी मार्केट का सेंटीमेंट खराब हुआ और बाजार पर दबाव बढ़ गया।

अमेरिकी बाजारों में कमजोरी

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने से बाजार पर दबाव बढ़ गया। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक उम्मीद से कमजोर रिटेल सेल्स (खुदरा बिक्री) के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे और एक अहम श्रम बाजार रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। दिसंबर में अमेरिका की रिटेल सेल्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जिससे बड़े सामानों पर उपभोक्ता खर्च कमजोर रहने का संकेत मिला।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई। ब्रेंट क्रूड, जो वैश्विक बेंचमार्क है, 0.76% बढ़कर 69.32 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत में महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है और चालू खाते (करंट अकाउंट) पर दबाव बढ़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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