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  1. सेंसेक्स ने तोड़ा रिकॉर्ड, 52-Week High पर पहुंचा बाजार, ये हैं वो 4 बड़े कारण जिसने पलटा गेम

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सेंसेक्स ने तोड़ा रिकॉर्ड, 52-Week High पर पहुंचा बाजार, ये हैं वो 4 बड़े कारण जिसने पलटा गेम

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 10:43 IST

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सारांश

Sensex 52-Week High: शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार एक्शन देखने को मिला। बैंक निफ्टी भी 59,802 के नए शिखर पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में थोड़ी मुनाफावसूली जरूर आई, लेकिन बाजार का मूड पॉजिटिव बना हुआ है। इस तेजी के पीछे मुख्य तौर पर 4 कारण जिम्मेदार हैं।

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सेंसेक्स और निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारतीय शेयर बाजार में 27 नवंबर को एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सुबह के कारोबारी सेशन में बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे खिल गए। निफ्टी 50 ने 26,295.55 के लेवल को छूकर एक नया ऑल टाइम हाई का रिकॉर्ड बना दिया। वहीं, सेंसेक्स भी पीछे नहीं रहा और इसने 300 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 85,940.24 का अपना नया 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छू लिया। सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी ही नहीं, बल्कि बैंक निफ्टी ने भी कमाल दिखाया और 59,802.65 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। हालांकि, ऊपरी लेवल पर थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग भी देखी गई, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में थोड़ा दबाव बना, लेकिन बाजार का कुल मूड काफी पॉजिटिव देखने को मिल रहा। बाजार की इस शानदार चाल के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण माने जा रहे हैं। चलिए उसके बारे में समझ लेते हैं।

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ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद

बाजार की इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और भारत के केंद्रीय बैंकों से मिल रहे संकेत हैं। बाजार यह मानकर चल रहा है कि दिसंबर महीने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों ही ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं। अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठक 9 और 10 दिसंबर को होनी है। वहीं, आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 3, 4 और 5 दिसंबर को होगी। उम्मीद है कि दोनों ही बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकते हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और सेंटिमेंट सुधरेगा। अमेरिकी फेड की कटौती से डॉलर कमजोर हो सकता है, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना है।

विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार में भरा जोश

शेयर बाजार के लिए दूसरी अच्छी खबर विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII के मोर्चे से आई है। पिछले कुछ समय से बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशक अब वापस खरीदारी के मूड में दिख रहे हैं। लार्ज कैप शेयरों की वैल्यूएशन अब थोड़ी बेहतर हुई है और कंपनियों की कमाई सुधरने के आसार हैं, जिसके चलते एफआईआई ने भारतीय शेयरों में दिलचस्पी दिखाई है। पिछले दो सेशन से वे शुद्ध खरीदार बने हुए हैं। 26 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने कैश सेगमेंट में 4,778 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने भी विदेशी फंड्स को भारत की तरफ आकर्षित किया है।

कंपनियों की कमाई में ग्रोथ का भरोसा

बाजार को सहारा देने वाला तीसरा बड़ा फैक्टर कंपनियों की कमाई को लेकर उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही से कंपनियों के नतीजों में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वीके विजयकुमार का कहना है कि इस रैली को फंडामेंटल सपोर्ट मिल रहा है। अक्टूबर महीने में जो खपत बढ़ी है, उसका असर आने वाले नतीजों में दिखेगा। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो त्यौहारों के बाद थोड़ी सुस्ती के बावजूद, आगे चलकर कमाई के आंकड़े बेहतर होंगे। इसी उम्मीद ने बाजार को गिरने नहीं दिया और वैल्यूएशन की चिंताओं को कम किया है।

रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता

चौथा और एक अहम कारण ग्लोबल जिओपॉलिटिक्स से जुड़ा है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध के खत्म होने की उम्मीद जगी है। खबरों के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ अगले हफ्ते मास्को जाने वाले हैं, जहां वे रूसी नेताओं के साथ शांति वार्ता पर चर्चा करेंगे। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़ा युद्ध बन चुका है। अगर यहां शांति समझौता होता है, तो यह वैश्विक बाजारों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर होगी। इस खबर ने भी निवेशकों के सेंटिमेंट को काफी मजबूती दी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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