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  1. AGR बकाया को लेकर सरकार से राहत मिलने की आई खबर तो क्यों Vi के शेयरों में आई 18% तक की गिरावट?

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AGR बकाया को लेकर सरकार से राहत मिलने की आई खबर तो क्यों Vi के शेयरों में आई 18% तक की गिरावट?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड December 31, 2025, 15:18 IST

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सारांश

पीटीआई की रिपोर्ट की मानें तो केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वोडाफोन-आइडिया के लिए 87,695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाये पर राहत पैकेज को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भुगतान की अवधि को 2031 से बढ़ाकर 2041 तक कर दिया गया है। हालांकि, इस बड़ी खबर के बाद भी कंपनी के शेयरों में 18% की भारी गिरावट देखी गई।

वोडाफोन आइडिया

वोडाफोन आइडिया के शेयरों में अचानक आई गिरावट

टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन-आइडिया के लिए आज का दिन काफी हलचल भरा देखा जा रहा है। सुबह जहां शेयर आज 52 हफ्ते के हाई पर ट्रेड कर रहा था। बाजार बंद होने से थोड़ी देर पहले उसमें 18 फीसदी की गिरावट आ गई। इस बिकवाली के पीछे कंपनी के कर्ज से जुड़ी खबर मानी जा रही है। हालांकि खबर पॉजिटिव है। पीटीआई की रिपोर्ट की मानें तो केंद्र सरकार ने कंपनी को कर्ज के दलदल से बाहर निकालने के लिए एक बड़े राहत पैकेज को हरी झंडी दिखा दी है।

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केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में वोडाफोन-आइडिया के भारी-भरकम बकाये को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य टेलीकॉम सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और कंपनी के करोड़ों ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है।

एजीआर बकाये पर मिली बड़ी मोहलत

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वोडाफोन-आइडिया के 87,695 करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये के भुगतान में बड़ी राहत देने का फैसला किया है। इस राहत पैकेज के तहत अब कंपनी को इस भारी राशि का भुगतान तत्काल नहीं करना होगा। सरकार ने इस बकाये को चुकाने की समय सीमा को काफी आगे बढ़ा दिया है। अब वोडाफोन-आइडिया को यह राशि वित्त वर्ष 2031-32 से लेकर वित्त वर्ष 2040-41 के बीच देनी होगी। इस फैसले से कंपनी को अपनी नकदी की स्थिति सुधारने और अपने नेटवर्क विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जरूरी समय मिल गया है। सरकार द्वारा नियुक्त एक खास समिति इस पूरे मामले की निगरानी करेगी।

तो क्या इस वजह से शेयर में आई गिरावट?

रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि दूरसंचार विभाग अब रोके गए एजीआर बकाये का नए सिरे से पुनर्मूल्यांकन भी करेगा। हालांकि, सरकार ने कुछ बकाये के मामले में कड़ा रुख भी बरकरार रखा है। वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 से संबंधित एजीआर बकाये में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उच्चतम न्यायालय ने 2020 में इस बकाये को लेकर जो आदेश दिया था, वह अंतिम रहेगा और कंपनी को इसे वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 के दौरान चुकाना होगा। इससे स्पष्ट है कि कंपनी को लंबी अवधि में तो राहत मिली है, लेकिन निकट भविष्य में उसे भुगतान की जिम्मेदारी निभानी होगी, जो शायद निवेशकों को पसंद नहीं आया और फिर वह शेयर से दूरी बनाने लगे। हालांकि जैसे-जैसे स्थिति खबरों को लेकर साफ हो रही है कि लॉन्ग टर्म के लिए कंपनी को राहत मिली है। स्टॉक में हल्की रिकवरी नीचले लेवल से देखी जा रही है।

अभी क्या है कंपनी की स्थिति?

वोडाफोन-आइडिया में भारत सरकार की लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसे देखते हुए यह राहत पैकेज काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का यह कदम उसके अपने हितों की रक्षा करने के साथ-साथ स्पेक्ट्रम नीलामी शुल्क और एजीआर बकाये के व्यवस्थित भुगतान को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। वर्तमान में वोडाफोन-आइडिया के पास करीब 20 करोड़ उपभोक्ता हैं। यदि कंपनी वित्तीय संकट के कारण बाजार से बाहर हो जाती, तो इन करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो सकती थी। सरकार के इस हस्तक्षेप के बाद अब यह तय हो गया है कि कंपनी टेलीकॉम सेक्टर में तीसरी बड़ी खिलाड़ी के तौर पर बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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