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Vedanta Share Price: कंपनी ने बढ़ाई डिमर्जर की डेडलाइन, क्यों लिया ऐसा फैसला, शेयरों में दिखी हलचल

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 10:22 IST

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सारांश

वेदांता के शेयर करीब 5% यानी कि 31-32 रुपये बढ़कर 687 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे हैं। धातु और खनन सेक्टर की इस कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने प्रस्तावित डीमर्जर की डेडलाइन 30 जून तक बढ़ा दी है।

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वेदांता लिमिटेड

क्यों आज वेदांता लिमिटेड के शेयरों में दिख रही तेजी?

Vedanta Share Price: वेदांता के शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है। वेदांता के शेयर करीब 5% यानी कि 31-32 रुपये बढ़कर 687 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे हैं। धातु और खनन सेक्टर की इस कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने प्रस्तावित डीमर्जर की डेडलाइन 30 जून तक बढ़ा दी है, क्योंकि कुछ सरकारी प्राधिकरणों से मंजूरी अभी भी पेंडिंग है और प्रोसेस जारी है। कंपनी ने बीएसई को दी गई जानकारी में बताया, ‘क्योंकि स्कीम की कुछ पूर्व शर्तें, जिनमें कुछ सरकारी प्राधिकरणों से मंजूरी हासिल करना शामिल है, अभी तक पूरी नहीं हुई हैं और प्रोसेस में हैं, इसलिए कंपनी और रिजल्टिंग कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने स्कीम के खंड 39.7 के तहत, इन पूर्व शर्तों को पूरा करने की डेडलाइन 31 मार्च, 2026 से बढ़ाकर 30 जून, 2026 करने की मंजूरी दे दी है।’

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अनिल अग्रवाल के अगुवाई वाली कंपनी ने प्रस्तावित डीमर्जर की मूल डेडलाइन को पहले 31 मार्च, 2025 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2025 और फिर 31 मार्च, 2026 कर दिया था। कंपनी ने पहले अपने डीमर्जर प्लान में संशोधन किया था और बेस मेटल्स के कारोबार को मूल कंपनी के अंडर ही रखने का ऑप्शन चुना था।

वेदांता से जुड़े और भी अपडेट्स

पीटीआई की 31 मार्च, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अनिल अग्रवाल की वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि दिवालिया हो चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड के लिए उसकी संशोधित बोली, अडानी ग्रुप के ऑफर से बेहतर होने के बावजूद, रिजेक्ट कर दी गई। ऋणदाताओं द्वारा अडानी के अधिग्रहण प्रस्ताव को स्वीकार करने के फैसले को चुनौती देते हुए, वेदांता ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि उसकी संशोधित बोली, अडानी ग्रुप की पेशकश की तुलना में सकल मूल्य के हिसाब से लगभग 3,400 करोड़ रुपये और शुद्ध वर्तमान मूल्य के हिसाब से लगभग 500 करोड़ रुपये अधिक है। बोली संशोधन एक आधिकारिक दस्तावेज है, जो निविदा या बोली प्रक्रिया के दौरान मूल बोली/निविदा दस्तावेजों को संशोधित करने, स्पष्ट करने या पूरक करने के लिए जारी किया जाता है।

सरल शब्दों में, निविदा जारी होने के बाद सभी बोलीदाताओं को भेजा गया एक अपडेटेड दस्तावेज है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी के पास एक ही संशोधित जानकारी हो। 14 अक्टूबर, 2025 को प्रस्तुत बोली चुनौती प्रक्रिया और अंतिम समाधान योजना में, वेदांता ने सुरक्षित वित्तीय लेनदारों को अग्रिम भुगतान के रूप में 3,770 करोड़ रुपये और प्रभावी तिथि से 365वें दिन के अंत तक 3,100 करोड़ रुपये की पेशकश की। इसने जेपी में 400 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश भी प्रस्तावित किया। इसके बाद, 8 नवंबर 2025 को, वेदांता ने ईमेल के जरिए एक परिशिष्ट पेश की, जिसमें उसने अग्रिम नकद भुगतान को बढ़ाकर 6,563 करोड़ रुपये और इक्विटी निवेश को 800 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा, जबकि कुल बोली मूल्य 12,505.85 करोड़ रुपये ही रखा। लेनदारों की समिति (सीओसी) ने अडानी की बोली स्वीकार कर ली क्योंकि उसने लगभग 6,000 करोड़ रुपये का अग्रिम नकद भुगतान और शेष राशि का भुगतान दो सालों के अंदर करने की पेशकश की, जबकि वेदांता ने भुगतान के लिए 5 साल तक का लंबा समय निर्धारित किया था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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