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UPL लिमिटेड के शेयर एक दिन में ही लुढ़के 15% तक, इतनी बड़ी गिरावट के पीछे क्या है वजह?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड February 23, 2026, 12:20 IST

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सारांश

UPL Ltd. Share Price: यूपीएल लिमिटेड के शेयर आज 15% तक लुढ़क गए। दोपहर में 12 बजे यूपीएल लिमिटेड के शेयर 15% यानी कि करीब 114 रुपये गिरकर 638 रुपये के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट के पीछे क्या कारण है, चलिए समझते हैं।

UPL लिमिटेड के शेयर

क्यों यूपीएल लिमिटेड के शेयरों में दिखी इतनी गिरावट

UPL Ltd. Shares: यूपीएल लिमिटेड के शेयर में आज 15% तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली। दोपहर में 12 बजे यूपीएल लिमिटेड के शेयर 15% यानी कि करीब 114 रुपये गिरकर 638 रुपये के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। एक दिन की इतनी बड़ी गिरावट के पीछे का कारण पिछले सप्ताह की एक खबर है। पिछले सप्ताह कंपनी ने पुनर्गठन योजना (Reorganisation Plan) की घोषणा की थी। कृषि रसायन (Agrochemical) कंपनी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारतीय और इंटरनेशनल फसल सुरक्षा बिजनेस को एक इकाई में एकीकृत करेगी, जिससे ग्लोबल लेवल पर इस बिजनेस के विकास के लिए एक केंद्रित, विशुद्ध रूप से विकसित मंच तैयार किया जा सके और ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाया जा सके।

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एक नियामक फाइलिंग में, यूपीएल ने जानकारी दी कि उसके बोर्ड ने यूपीएल, यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (यूपीएल एसएएस), यूपीएल ग्लोबल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (यूपीएल 2), यूपीएल क्रॉप प्रोटेक्शन होल्डिंग्स लिमिटेड (यूपीएल केमैन) और उनके संबंधित शेयरधारकों के बीच एक संयुक्त व्यवस्था योजना को मंजूरी दी है।

यूपीएल पुनर्गठन योजना से जुड़ी अहम डीटेल्स

शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद जारी प्रेस रिलीज में, यूपीएल ने कहा कि कंपनी के बोर्ड ने एक समग्र व्यवस्था योजना (योजना) के जरिए ग्रुप रिऑर्गेनाइजेशन प्लान को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य एक स्वतंत्र और केंद्रित फसल सुरक्षा प्लैटफॉर्म बनाकर अपने शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन करना है।

इस पुनर्गठन के तहत यूपीएल के भारत और इंटरनेशनल फसल सुरक्षा व्यवसायों को योजना के जरिए समेकित किया जाएगा, जिसमें यूपीएल और उसकी सहायक कंपनियां शामिल हैं, जैसे-

1- यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (यूपीएल एसएएस): भारत का फसल सुरक्षा प्लैटफॉर्म जिसमें यूपीएल की 90.91% हिस्सेदारी है।
2- यूपीएल क्रॉप प्रोटेक्शन होल्डिंग्स लिमिटेड (यूपीएल कॉर्प), वह यूनिट जिसके जरिए यूपीएल अपने अंतरराष्ट्रीय फसल सुरक्षा व्यवसाय में 77.78% हिस्सेदारी रखती है।
3- यूपीएल ग्लोबल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (यूपीएल ग्लोबल), स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने वाली यूनिट जिसमें योजना में शामिल विभिन्न चरणों के पूरा होने के बाद भारत और अंतरराष्ट्रीय फसल सुरक्षा प्लेटफॉर्म शामिल होंगे।
क्या है एनालिस्ट्स की राय?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्लेषकों का कहना है कि पुनर्गठन में यूपीएल एसएएस और यूपीएल कॉर्प का विलय करके एक सूचीबद्ध इकाई बनाई जाएगी, जिसका नाम यूपीएल ग्लोबल होगा, जबकि यूपीएल लिमिटेड फॉर्मूलेशन व्यवसाय, अनुसंधान एवं विकास, सुपरफॉर्म और एडवांटा के लिए होल्डिंग कंपनी के रूप में बनी रहेगी। विभाजन का उद्देश्य तालमेल बढ़ाना और मूल्य को अनलॉक करना है। नुवामा ने बताया कि यह लेनदेन नकदी और कर-तटस्थ है, अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों की रक्षा करता है, पूंजी संरचना में कोई बदलाव नहीं करता है, और कंपनी की वर्तमान लीवरेज स्थिति पर इसका कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।

इस बीच, इन्वेस्टेक के बोर्ड द्वारा फसल सुरक्षा व्यवसाय (यूपीएल कॉर्प और एसएएस) को अलग से सूचीबद्ध इकाई, यूपीएल ग्लोबल में विभाजित करने की मंजूरी के बाद कंपनी सकारात्मक बनी हुई है। स्पेशलिटी केमिकल्स व्यवसाय, सुपरफॉर्म, होल्डिंग कंपनी के अंतर्गत ही रहेगा, जिससे होल्डिंग कंपनी को भविष्य में आईपीओ या प्राइवेट इक्विटी के माध्यम से पूंजी जुटाने की सुविधा मिलती रहेगी। पुनर्गठन के बाद, प्राइवेट इक्विटी निवेशकों का एक समूह - अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए), टीपीजी और ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट - यूपीएल ग्लोबल में 17% और होल्डिंग कंपनी में 1% से कम हिस्सेदारी रखेगा। प्रबंधन के अनुसार, इस कदम से संगठनात्मक संरचना को सरल बनाने, शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने और ऋणमुक्ति पर ध्यान केंद्रित करने की उम्मीद है, हालांकि इन्वेस्टेक का मानना है कि मौजूदा संरचना की तुलना में समग्र मूल्यांकन में तत्काल सीमित वृद्धि होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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