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Textile Stocks: भारतीय आयात पर टैरिफ कम होने की उम्मीद, Welspun Living, Vardhman Textiles समेत कई शेयर उछले

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 10, 2025, 10:32 IST

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सारांश

Welspun Living के शेयर 9.76 फीसदी की तेजी के साथ 125.35 रुपये के भाव पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, Gokaldas Exports में 6 फीसदी, Vardhman Textiles में 7 फीसदी, Pearl Global में 6.50 फीसदी और Trident में 5 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

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Textile Stocks

Welspun Living, Gokaldas Exports जैसे टेक्सटाइल स्टॉक्स में जबरदस्त रैली नजर आ रही है।

Textile Stocks: भारत और अमेरिका के बीच बातचीत पटरी पर लौटने की उम्मीद बढ़ गई है। ट्रेड डील की उम्मीदों के बीच आज टेक्सटाइल स्टॉक्स में जबरदस्त रैली नजर आ रही है। आज 10 सितंबर के करोबार में इस सेक्टर की कई कंपनियों के शेयर 10 फीसदी तक चढ़ गए। जिन शेयरों में खरीदारी हो रही है उनमें Welspun Living, Gokaldas Exports, Vardhman Textiles, Pearl Global और Trident जैसे शेयर शामिल हैं।
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Welspun Living समेत इन स्टॉक्स में रैली

Welspun Living के शेयर 9.76 फीसदी की तेजी के साथ 125.35 रुपये के भाव पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, Gokaldas Exports में 6 फीसदी, Vardhman Textiles में 7 फीसदी, Pearl Global में 6.50 फीसदी और Trident में 5 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

टेक्सटाइल कंपनियों पर टैरिफ का असर

ज्यादातर भारतीय टेक्सटाइल कंपनियां अपनी 50% से 70% कमाई अमेरिका से करती हैं। सीएनबीसी टीवी-18 की रिपोर्ट के मुताबिक Pearl Global ने कहा कि अमेरिकी कंपनियां अब उनसे 15%–20% तक डिस्काउंट मांग रही हैं ताकि नए टैक्स का असर कम हो सके।

अगर ये ऊंचे टैक्स लंबे समय तक चलते रहे, तो भारत के 6 अरब डॉलर (लगभग ₹50000 करोड़) तक के एक्सपोर्ट्स पर असर पड़ सकता है और लाखों नौकरियां खतरे में आ सकती हैं। पिछले 1 महीने में इन कंपनियों के शेयरों की कीमत 15%–20% तक गिर चुकी है।

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज ट्रुथ सोशल पर लिखा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता जारी है और वे अपने "अच्छे दोस्त" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के लिए उत्सुक हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप के इस बयान का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं। मुझे विश्वास है कि हमारी ट्रेड वार्ता भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि वे भी राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत के लिए उत्सुक हैं।

बता दें कि अमेरिका ने भारत से होने वाले आयात पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है। इसमें से 25 फीसदी टैरिफ रूस से तेल खरीदने पर पेनल्टी के रूप में लगाया गया है। इन वजहों से दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर चल रही बातचीत बीच में ही अटक गई थी। GTRI के आंकड़ों के अनुसार टैरिफ से भारत के 66% से अधिक निर्यात प्रभावित होने की संभावना है, जिसमें मुख्य रूप से टेक्सटाइल, Seafood और जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर शामिल हैं।

अमेरिकी सरकार ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह रूस से कच्चा तेल खरीदकर उसे रिफाइन करके दूसरे देशों को बेच रहा है। व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा, "भारत को तेल की जरूरत नहीं है, ये सिर्फ मुनाफे के लिए किया जा रहा है। भारत की ये हरकत शांति नहीं, बल्कि जंग को बढ़ावा दे रही है।"

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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