मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 09:30 IST
सारांश
आज शेयर बाजार में कोल इंडिया, ओएनजीसी और आईटी कंपनियों के शेयरों में काफी हलचल देखने को मिल सकती है। कोल इंडिया और ओएनजीसी ने डिविडेंड का ऐलान किया है, जबकि अमेरिकी बाजार में आईटी स्टॉक्स के गिरने से दबाव रह सकता है। वहीं हिंडाल्को और भारत फोर्ज के नतीजों का असर भी दिखेगा।

आज इन स्टॉक्स पर रहेगी फोकस
आज भारतीय शेयर बाजार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिल सकता है। कोल इंडिया, ओएनजीसी, और ल्यूपिन जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपनी तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इन नतीजों के साथ-साथ कई कंपनियों ने डिविडेंड की भी घोषणा की है, जिससे निवेशकों को सीधा फायदा मिल सकता है। बाजार की शुरुआत में आज आईटी सेक्टर और एनर्जी सेक्टर के शेयरों पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी खराब रही और इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट में AI को लेकर जो डर बना हुआ है और अमेरिकी बाजारों में जो भारी बिकवाली हुई है, उसका सीधा असर हमारे यहां भी पड़ रहा है। इसके साथ ही कमोडिटी की कीमतों में कमजोरी ने आग में घी डालने का काम किया है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 700 अंक फिसलकर 82,977 के लेवल पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 220 अंकों की गिरावट के साथ 25,580 के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंक निफ्टी में भी 200 अंकों की कमजोरी देखी गई और निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स तो 1.2 फीसदी तक टूट गया।
कोल इंडिया ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए 5.50 रुपये प्रति शेयर के तीसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट इस बार 8,505.57 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले कंपनी की सेल्स में थोड़ी गिरावट आई है और खर्चे भी बढ़े हैं। दूसरी तरफ, ओएनजीसी का प्रदर्शन शानदार रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 22.6% बढ़कर 11,946 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। ओएनजीसी के बोर्ड ने 6.25 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड को मंजूरी दी है, जिसके लिए 18 फरवरी 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।
आज आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। अमेरिकी बाजार में भारतीय आईटी कंपनियों के एडीआर में भारी गिरावट देखी गई है। इंफोसिस का एडीआर 10% और विप्रो का 5% तक टूट गया है। निवेशकों के बीच यह डर बना हुआ है कि एआई के आने से आईटी कंपनियों के पुराने बिजनेस मॉडल को नुकसान पहुंच सकता है। इस ग्लोबल सेंटीमेंट का सीधा असर आज इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसे शेयरों पर देखने को मिल सकता है।
मेटल सेक्टर की बड़ी कंपनी हिंडाल्को के नेट प्रॉफिट में 45% की बड़ी गिरावट आई है, जो बाजार के अनुमान से काफी कम है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 2,049 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्केट को इससे ज्यादा की उम्मीद थी। वहीं भारत फोर्ज का नेट प्रॉफिट तो 28% बढ़ा है, लेकिन कंपनी के स्टैंडअलोन मुनाफे में 17% की कमी आई है। नए लेबर कोड के प्रावधानों और नॉर्थ अमेरिका के कमर्शियल व्हीकल मार्केट में डिमांड कम होने से कंपनी के ऑपरेशन पर असर पड़ा है।
एचयूएल (HUL) के मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में डिमांड में सुधार होगा और कंपनी बेहतर ग्रोथ की उम्मीद कर रही है। मामाअर्थ की पेरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर का नेट प्रॉफिट भी लगभग दोगुना होकर 50 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा डाबर इंडिया तमिलनाडु में 400 करोड़ रुपये की नई फैक्ट्री लगाने जा रही है, जिससे उसकी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी। होटल सेक्टर में इंडियन होटल्स ने 954.24 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जिसमें एक बड़ी हिस्सेदारी ज्वाइंट वेंचर की बिक्री से मिले मुनाफे की है।
फार्मा सेक्टर में ल्यूपिन के नेट प्रॉफिट में साल दर साल 37.5% की बढ़त हुई है, जो 1,175.6 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, बायोकॉन के नतीजे मिले-जुले रहे हैं और कंपनी का रेवेन्यू मार्केट के अनुमान से कम रहा है। रेलवे सेक्टर की कंपनी आईआरसीटीसी ने भी अच्छे नतीजे पेश किए हैं और उसके नेट प्रॉफिट में 15.6% की बढ़त देखी गई है। आज इन सभी स्टॉक्स में अपनी-अपनी खबरों के आधार पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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