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Market Outlook June 2025: बैंकिंग, ऑटो समेत इन 5 सेक्टर्स पर टिकी बाजार की नजर

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड June 02, 2025, 07:34 IST

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सारांश

Key sectors to Watch in June 2025: RBI ने फरवरी और अप्रैल में दो बार रेपो रेट में कटौती की थी ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। अब अगली MPC बैठक 4 जून को होगी और फैसला 6 जून को आने की उम्मीद है। महंगाई दर लगातार 4% से नीचे बनी हुई है।

Stock Market: अप्रैल में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.16% पर आ गई, जो पिछले 6 सालों में सबसे कम है।

Stock Market: अप्रैल में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.16% पर आ गई, जो पिछले 6 सालों में सबसे कम है।

Key sectors to Watch in June 2025: मई महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छा रहा। BSE Sensex इस महीने की शुरुआत में 80242.24 पर था, जो कि बढ़कर आज 30 मई तक 81,472.51 पर पहुंच गया है। यानी इसमें करीब 1.50 फीसदी की तेजी रही। इसी तरह, Nifty 50 इंडेक्स भी 24334.20 से बढ़कर 24,783.80 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि इसमें 1.85 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
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यह तेजी निवेशकों के भारतीय शेयर बाजार पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है। अब सवाल यह है कि क्या बाजार में तेजी का यह ट्रेंड जून महीने में भी जारी रहेगा? जून 2025 में शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले प्रमुख फैक्टर कौन-कौन से होंगे? और इन फैक्टर्स का किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर दिख सकता है? इन सभी सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर

RBI ने फरवरी और अप्रैल में दो बार रेपो रेट में कटौती की थी ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। अब अगली MPC बैठक 4 जून को होगी और फैसला 6 जून को आने की उम्मीद है। महंगाई दर लगातार 4% से नीचे बनी हुई है, इसलिए एक्सपर्ट्स मानना है कि RBI फिर से रेट कट कर सकती है। इससे मार्केट सेंटीमेंट बेहतर होने की उम्मीद है। इसका सीधा असर बैंकों और NBFCs पर दिखेगा।

ऑटो सेक्टर

अप्रैल में ऑटो सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में करीब 4% की बढ़त देखी गई, जिसमें SUV और UV (यूटिलिटी व्हीकल) सेगमेंट ने 12.1% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई। वहीं, कारों की बिक्री में 5.4% की गिरावट और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 16.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। थ्री-व्हीलर (ऑटो) की बिक्री में मामूली 0.7% की गिरावट आई।

अब सभी की नजर मई महीने के बिक्री आंकड़ों पर होगी कि क्या ये ट्रेंड्स जारी रहते हैं या कोई बदलाव आता है। इसके साथ ही अगर RBI रेट कट करता है, तो ऑटो लोन सस्ते होंगे, जिससे वाहन खरीदने की मांग बढ़ सकती है

कंज्यूमर सेक्टर (FMCG और रिटेल)

अप्रैल में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.16% पर आ गई, जो पिछले 6 सालों में सबसे कम है। मार्च में ये 3.34% थी। ये लगातार तीसरा महीना है जब महंगाई RBI के 4% के लक्ष्य से नीचे बनी रही है। गर्मी के बावजूद अच्छी फसल की वजह से खाने-पीने की चीजों के दाम कम रहे।

अब जून में मई के महंगाई आंकड़ों पर नजर रहेगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कम महंगाई का असर कंज्यूमर सेक्टर पर दिख सकता है और इससे कंजप्शन बढ़ने की उम्मीद है।

रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन

अगर RBI ब्याज दरों में कटौती करता है तो इसका असर रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर दिख सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रेट कट होने से होम लोन सस्ते होंगे, जिससे हाउसिंग डिमांड बढ़ सकती है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी में भी तेजी आएगी।

एग्रो और फर्टिलाइजर सेक्टर

जून महीने में गर्मी और बारिश के पैटर्न का असर फसलों और बुवाई पर पड़ेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि इस बार मानसून जून से सितंबर तक सामान्य से बेहतर रहेगा। IMD ने 105 फीसदी बारिश की उम्मीद जताई है। 104 से 110 फीसदी के बीच बारिश को सामान्य से बेहतर माना जाता है। एग्रीकल्चर के लिहाज से यह खबर अच्छी है।

जून 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद अहम महीना साबित हो सकता है। प्रमुख इंडेक्स में मजबूती, घटती महंगाई दर और RBI की नीतियों से बाजार को सहारा मिल सकता है। इसके साथ ही ऑटो सेक्टर के आंकड़े और ग्लोबल महंगाई ट्रेंड भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

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