मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड February 22, 2026, 16:37 IST
सारांश
अगले हफ्ते शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 24 फरवरी को होने वाली मंथली एक्सपायरी और 27 फरवरी को आने वाले जीडीपी आंकड़ों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है, जिससे पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब नए आर्थिक आंकड़ों पर है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता बहुत ही हलचल भरा रहने वाला है। निवेशकों के लिए यह हफ्ता किसी इम्तिहान से कम नहीं होगा क्योंकि एक साथ कई बड़े मोर्चे खुलने वाले हैं। जहां एक तरफ मंथली एक्सपायरी के कारण बाजार में काफी उठापटक देखने को मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ देश की ग्रोथ से जुड़े जीडीपी के आंकड़े भी इसी हफ्ते जारी होने वाले हैं। इसके अलावा अमेरिका से आने वाली ग्लोबल खबरें भी बाजार का मूड बिगाड़ या सुधार सकती हैं। ऐसे में ट्रेडर्स और निवेशकों को बहुत संभलकर अपनी पोजीशन बनानी होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस दौरान स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन यानी चुनिंदा शेयरों में हलचल ज्यादा देखने को मिल सकती है।
अगर हम निफ्टी के चार्ट को देखें तो ट्रेडर्स के लिए कुछ खास लेवल बहुत ही जरूरी हो जाते हैं। मार्केट के जानकारों के मुताबिक 25,800 का लेवल निफ्टी के लिए एक बड़ी रुकावट यानी इमीडिएट रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है। अगर बाजार इस लेवल को पार कर लेता है तो फिर निफ्टी 26,000 और 26,200 के ऊंचे लेवल की ओर बढ़ सकता है। लेकिन अगर बाजार में गिरावट आती है तो नीचे की तरफ 25,300 और 25,100 के लेवल बहुत मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर निफ्टी किसी भी वजह से 25,000 के नीचे चला जाता है, तो बाजार में कमजोरी काफी बढ़ सकती है और बिकवाली का दबाव और गहरा सकता है। पिछले कुछ समय में मिडकैप इंडेक्स में 0.44 परसेंट की बढ़त देखी गई है, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.19 परसेंट की गिरावट रही है।
अगले हफ्ते केवल भारतीय खबरें ही नहीं बल्कि दुनिया भर में हो रहे बदलाव भी बाजार पर असर डालेंगे। खासकर अमेरिका में टैरिफ को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर सबकी नजर है। अमेरिका की नई नीतियों और कानूनी बदलावों का असर ग्लोबल ट्रेड पर कैसा पड़ेगा, इसका आकलन दुनिया भर के निवेशक कर रहे हैं। अगर वहां से कोई भी बड़ी खबर आती है तो उसका सीधा असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ेगा। वहीं घरेलू मोर्चे पर सबसे बड़ी खबर 27 फरवरी को आने वाली है। उस दिन सांख्यिकी मंत्रालय अगली तिमाही के जीडीपी अनुमान जारी करेगा। यह डेटा बताएगा कि देश की इकोनॉमी किस रफ्तार से आगे बढ़ रही है और इसका फ्यूचर कैसा रहने वाला है। इसके साथ ही सरकार के बजट आंकड़े और विदेशी मुद्रा भंडार जैसे इंडिकेटर्स भी बाजार की दिशा तय करेंगे।
बाजार में इस हफ्ते अस्थिरता बढ़ने का एक बड़ा कारण मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी भी है। 24 फरवरी को फरवरी सीरीज की एक्सपायरी होने वाली है, जिससे पहले ट्रेडर्स अपनी पुरानी पोजीशन को बराबर करेंगे या नई सीरीज में ले जाएंगे। इस वजह से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। अच्छी बात यह है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी एफपीआई अब भारतीय बाजार में खरीदारी की ओर लौट रहे हैं। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 16,911.55 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें से 14,177.66 करोड़ रुपये शेयर बाजार के जरिए और बाकी पैसा प्राइमरी मार्केट के जरिए आया है। विदेशी निवेशकों की यह वापसी बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है जो बड़ी गिरावट को रोकने में मदद कर सकती है।
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