return to news
  1. अगले हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स की चाल तय करेंगे ये 5 बड़े ट्रिगर्स, क्या फिर आएगी हरियाली?

मार्केट न्यूज़

अगले हफ्ते निफ्टी और सेंसेक्स की चाल तय करेंगे ये 5 बड़े ट्रिगर्स, क्या फिर आएगी हरियाली?

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 15, 2026, 17:38 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

शेयर बाजार में इस हफ्ते बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट के बाद अब निवेशक अगले हफ्ते के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व के मिनट्स से लेकर घरेलू स्तर पर आरबीआई के फैसलों तक, कई ऐसी खबरें हैं जो मार्केट का मूड बदल सकती हैं। जानिए इस हफ्ते किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

share-market-outlook-top-five-triggers

शेयर बाजार के अगले हफ्ते के उतार-चढ़ाव को समझने के लिए जरूरी ट्रिगर्स।

पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में काफी उथल-पुथल देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के ग्लोबल इकोनॉमी पर संभावित असर को लेकर जो चिंताएं बढ़ी हैं, उसने निवेशकों के भरोसे को थोड़ा हिला दिया है। इसी का नतीजा रहा कि सेंसेक्स 1,048 अंक यानी करीब 1.25 पर्सेंट गिरकर 82,626.76 पर आ गया। वहीं दूसरी तरफ निफ्टी में भी 336 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 25,471.10 के लेवल पर बंद हुआ। अब निवेशकों की पूरी नजर अगले हफ्ते आने वाले कुछ बड़े डोमेस्टिक और ग्लोबल संकेतों पर टिकी है, जो बाजार को नई दिशा दे सकते हैं। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

अमेरिकी फेड मिनट्स और जीडीपी के आंकड़े

अगले हफ्ते ग्लोबल मार्केट से आने वाली खबरें भारतीय बाजार पर बड़ा असर डालेंगी। सबसे ज्यादा ध्यान 18 फरवरी को होने वाली हलचल पर रहेगा, क्योंकि उस दिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली मीटिंग के मिनट्स जारी किए जाएंगे। इससे यह संकेत मिलेगा कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर आने वाले समय में क्या फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही अमेरिका की जीडीपी के आंकड़े भी सामने आने वाले हैं। अगर ये आंकड़े उम्मीद से अलग आते हैं, तो इसका सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों के साथ-साथ भारतीय मार्केट पर भी पड़ेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक के संकेतों पर रहेगी नजर

घरेलू मोर्चे पर बात करें तो 20 फरवरी का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स जारी किए जाएंगे। इससे निवेशकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि देश की इकोनॉमी की सेहत को लेकर केंद्रीय बैंक का क्या सोचना है और फ्यूचर में ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी की क्या गुंजाइश है। आरबीआई के ये संकेत बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों के लिए बहुत मायने रखते हैं, जो निफ्टी और सेंसेक्स की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

आईटी सेक्टर में बिकवाली और फ्यूचर की चिंताएं

पिछले हफ्ते आईटी सेक्टर में बहुत भारी बिकवाली देखी गई है, इसलिए इस हफ्ते भी निवेशकों की नजर आईटी स्टॉक्स पर बनी रहेगी। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 8 परसेंट तक टूट गया, जिससे यह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर काफी दबाव देखा जा रहा है। असल में निवेशकों को यह डर सता रहा है कि नई एआई तकनीक आने से पारंपरिक आईटी सेवाओं की डिमांड कम हो सकती है। इससे इन कंपनियों की फ्यूचर में होने वाली कमाई पर बुरा असर पड़ सकता है।

सोने चांदी की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख

ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों पर भी नजर रखना जरूरी है। कुछ समय पहले इनमें गिरावट आई थी, लेकिन अब कीमतें स्थिर होती नजर आ रही हैं। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियों पर भी फोकस रहेगा। हालांकि इस महीने एफआईआई ने कुछ खरीदारी की है, लेकिन 13 फरवरी तक के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने मार्केट से 1,374 करोड़ रुपये निकाले हैं। भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते से निवेशकों का भरोसा थोड़ा बढ़ा है, लेकिन विदेशी निवेशकों का लगातार पैसा निकालना बाजार के लिए चिंता की बात बनी हुई है।

SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख