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Sensex-Nifty रिकॉर्ड हाई पर, फिर भी आपका पोर्टफोलियो क्यों है लाल, समझें क्या है मामला

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 12:21 IST

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सारांश

Stock Market: इस साल मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 2025 में MidCap इंडेक्स सिर्फ 1.44 फीसदी चढ़ा है, जबकि SmallCap इंडेक्स 5.66 फीसदी गिरा है। ये अपने रिकॉर्ड हाई से भी काफी नीचे हैं। इसी दौरान लार्ज कैप इंडेक्स में करीब 9 फीसदी की तेजी आई है। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 10 फीसदी बढ़ चुके हैं।

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आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 445 अंकों की तेजी देखी गई और यह 86055.86 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने आज 27 नवंबर को 14 महीने बाद एक बार फिर नए रिकॉर्ड हाई को छू लिया। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 445 अंकों की तेजी देखी गई और यह 86055.86 के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 105 अंकों की तेजी के साथ 26310.45 के नए हाई पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, इस तेजी के बावजूद कई निवेशकों का पोर्टफोलियो अब भी लाल है। यहां हम समझेंगे की इसकी वजह क्या हो सकती है।
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मिड और स्मॉल कैप में सुस्ती

सितंबर और अक्टूबर में तेजी दिखाने के बाद नवंबर में भारत के मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की रफ्तार कमजोर पड़ गई, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी अपने रिकॉर्ड हाई के पास बने रहे। नवंबर में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2 फीसदी चढ़े। इस दौरान BSE MidCap इंडेक्स लगभग स्थिर रहा और BSE SmallCap इंडेक्स करीब 3 फीसदी गिर गया। यह पिछले तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।

इसके उलट, अक्टूबर में सेंसेक्स और निफ्टी 3.5 प्रतिशत बढ़े थे, और मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स में भी बढ़िया तेजी दिखी थी। सितंबर में भी स्थिति बेहतर थी, जहां सभी इंडेक्स में हल्की लेकिन व्यापक बढ़त दर्ज हुई थी। इसका मतलब है कि नवंबर में मिड और स्मॉलकैप स्टॉक्स में कमजोरी देखने को मिली है। यही वजह है कि ऐसे निवेशक जिनका निवेश मिड और स्मॉलकैप स्टॉक्स अधिक हैं, उनका ओवरऑल पोर्टफोलियो लाल नजर आ रहा है।

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स के वैल्यूएशन पर भी सवाल

एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का वैल्यूएशन भी अधिक है। MidCap इंडेक्स अभी एक साल आगे की कमाई के मुकाबले 25.79 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 10 साल के औसत से ज्यादा है। SmallCap इंडेक्स 23.33 गुना पर है, जबकि इसका लंबी अवधि का औसत इससे काफी नीचे है। मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरीज में रिडेम्प्शन का दबाव भी बढ़ा है। अक्टूबर 2025 में इन फंड्स से सबसे ज्यादा पैसा निकला, जबकि बाकी डायवर्सिफाइड इक्विटीज फंड्स में ऐसा नहीं था।

बड़े शेयरों पर निवेशकों का फोकस

इस साल मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 2025 में MidCap इंडेक्स सिर्फ 1.44 फीसदी चढ़ा है, जबकि SmallCap इंडेक्स 5.66 फीसदी गिरा है। ये अपने रिकॉर्ड हाई से भी काफी नीचे हैं। इसी दौरान लार्ज कैप इंडेक्स में करीब 9 फीसदी की तेजी आई है। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 10 फीसदी बढ़ चुके हैं, जो बता रहा है कि निवेशक अब सुरक्षित और बड़े शेयरों को तरजीह दे रहे हैं। MidCap इंडेक्स की 147 कंपनियों में से 77 ने 2025 में नकारात्मक रिटर्न दिया है। SmallCap इंडेक्स की स्थिति और खराब है, जहां 1,226 में से 853 कंपनियां नुकसान में हैं।

एक्सपर्ट्स की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सेक्टर्स की कमजोर कमाई के चलते मिड और स्मॉल कैप शेयरों पर दबाव बना है। इसके अलावा हाल ही में जमकर IPO आए, जिसकी वजह से बाजार में लिक्विडिटी कम हो गई। वैश्विक चिंताओं ने भी अस्थिरता बढ़ाई। ऊपर से निवेशकों की दिलचस्पी सोना और चांदी जैसे सेफ हैवन एसेट्स में बढ़ गई, जिससे छोटे शेयरों पर दबाव और बढ़ गया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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