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  1. Reliance Industries: कल ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद आज करीब 4% टूट गया शेयर, समझिए पूरा मामला

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Reliance Industries: कल ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद आज करीब 4% टूट गया शेयर, समझिए पूरा मामला

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 06, 2026, 11:26 IST

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सारांश

Reliance Industries Share: RIL के शेयर में यह गिरावट उस खबर के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि रूस का कच्चा तेल लेकर 3 जहाज रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की ओर आ रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया।

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Reliance Industries

Reliance Industries का मार्केट कैप घटकर 20.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Reliance Industries: तेल से लेकर टेलीकॉम तक का कारोबार करने वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में आज 06 जनवरी को गिरावट नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह शेयर 3.58% फीसदी टूटकर 1520.95 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा था। बता दें कि कल यानी 05 जनवरी को RIL ने 1611.20 रुपये के अपने नए ऑल टाइम हाई को छू लिया था। आज की गिरावट के साथ कंपनी का मार्केट कैप घटकर 20.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
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RIL के शेयरों में गिरावट की क्या है वजह?

RIL के शेयर में यह गिरावट उस खबर के बाद आई, जिसमें दावा किया गया था कि रूस का कच्चा तेल लेकर 3 जहाज रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी की ओर आ रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया। कंपनी ने साफ कहा कि पिछले तीन हफ्तों में जामनगर रिफाइनरी को रूसी तेल का कोई कार्गो नहीं मिला है और जनवरी में ऐसी किसी डिलीवरी की उम्मीद भी नहीं है।

रिलायंस ने बयान में कहा कि ब्लूमबर्ग की यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत है और कंपनी को इस बात का दुख है कि रिपोर्ट छपने से पहले उसके इनकार को नजरअंदाज किया गया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूस के उराल्स क्रूड के करीब 22 लाख बैरल लेकर कम से कम तीन टैंकर जामनगर कॉम्प्लेक्स को अपना अगला ठिकाना बता रहे थे, जिसका आधार एनालिटिक्स फर्म Kpler का डेटा बताया गया था। इसके अलावा ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद RIL के शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग भी गिरावट की एक वजह हो सकती है।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और ONGC को लेकर सकारात्मक नजरिया रखा है। जेफरीज के मुताबिक, अगर अमेरिका वेनेजुएला के तेल सेक्टर में नियंत्रण या दखल बढ़ाता है, तो इसका फायदा रिलायंस और ONGC को मिल सकता है। अमेरिकी तेल कंपनियों के निवेश से उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे 2027-28 में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव आ सकता है, जब तक कि OPEC+ बाजार को संतुलित न करे।

जेफरीज ने यह भी कहा कि अगर अमेरिकी प्रतिबंध हटते हैं, तो रिलायंस को सस्ता वेनेजुएलन कच्चा तेल खरीदने का मौका मिल सकता है। वहीं ONGC को करीब 50 करोड़ डॉलर के रुके हुए डिविडेंड भी मिल सकते हैं। पहले रिलायंस अपनी रोजाना जरूरत का करीब 20% कच्चा तेल वेनेजुएला की सरकारी कंपनी PDVSA से खरीदती थी और भविष्य में वह ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 5 से 8 डॉलर प्रति बैरल सस्ता तेल हासिल कर सकती है, जिससे रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर हो सकता है।

रिलायंस AI मैनिफेस्टो

दिसंबर 2025 के आखिर में रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रिलायंस AI मैनिफेस्टो का ड्राफ्ट पेश किया। इसमें कंपनी को AI-नेटिव डीप-टेक एंटरप्राइज बनाने की योजना बताई गई है। इस योजना का मकसद 6 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को 10 गुना बढ़ाना और भारत की अर्थव्यवस्था व समाज पर 10 गुना असर डालना है।

मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव इतिहास की सबसे अहम तकनीकी क्रांति बताया। उन्होंने कहा कि जैसे रिलायंस ने भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व किया, वैसे ही अब कंपनी देश की AI क्रांति का नेतृत्व करना चाहती है। रिलायंस का लक्ष्य है “हर भारतीय के लिए सस्ती और भरोसेमंद AI” उपलब्ध कराना, जिसमें सुरक्षा, भरोसा और जवाबदेही पर खास ध्यान दिया जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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