return to news
  1. Iran-Israel-US वॉर के चलते कतर ने ठप्प किया LNG प्रोडक्शन, GAIL, पेट्रोनेट LNG जैसे स्टॉक्स फोकस में

मार्केट न्यूज़

Iran-Israel-US वॉर के चलते कतर ने ठप्प किया LNG प्रोडक्शन, GAIL, पेट्रोनेट LNG जैसे स्टॉक्स फोकस में

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 04, 2026, 09:07 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

कतर, भारत द्वारा सालाना आयात किए जाने वाले लगभग 2.7 करोड़ टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas, LNG) का करीब 40% हिस्सा सप्लाई करता है। इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण से लेकर सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) जैसे प्रमुख सेक्टरों में होता है।

शेयर सूची

GUJGASLTD
--
GAIL
--
PETRONET
--
LNG टैंकर

कतर ने ठप्प किया LNG प्रोडक्शन, भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत को आयातित प्राकृतिक गैस (Natural Gas) की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने गैस आपूर्ति पर अपरिहार्य परिस्थिति (Force Majeure) घोषित कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन ठप होने के कारण यह कदम उठाया गया है, जिससे भारतीय उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में 40% तक की कमी आई है। ऐसे में आज पेट्रोनेट एलएनजी, गेल और गुजरात गैस जैसे स्टॉक्स में एक्शन देखने को मिल सकता है। ये तीनों स्टॉक्स 2 मार्च को रेड में ही क्लोज हुए थे। कतर, भारत द्वारा सालाना आयात किए जाने वाले लगभग 2.7 करोड़ टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (Liquefied Natural Gas, LNG) का करीब 40% हिस्सा सप्लाई करता है। इस गैस का इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण से लेकर सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) जैसे प्रमुख सेक्टरों में होता है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

सूत्रों ने बताया कि गैस आयातक कंपनी 'पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड' ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को जानकारी दी है कि इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर लगातार किए जा रहे हमलों के बाद कतर ने अपना एलएनजी प्रोडक्शन बंद कर दिया है। इन हमलों के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के जरिए होने वाली तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। इससे ग्लोबल ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है और युद्ध-जोखिम बीमा और शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है।

क्यों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है इतना अहम?

ईरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को कंट्रोल करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। भारत के कच्चे तेल के आयात का लगभग 50% और एलएनजी आपूर्ति का लगभग 54% इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह न केवल कतर बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने वाली एलएनजी के लिए भी मुख्य मार्ग है। सूत्रों ने बताया कि पेट्रोनेट ने अपने खरीदारों गेल (इंडिया) लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) को कतर से आपूर्ति ठप होने की जानकारी दी है।

गैस मार्केटिंग कंपनियों ने उठाए क्या कदम?

इसके बाद गैस मार्केटिंग कंपनियों ने सीएनजी की खुदरा बिक्री को प्रभावित किए बिना उद्योगों को दी जाने वाली गैस आपूर्ति में कटौती कर दी है। यह कटौती 10 से 40% के बीच है। पेट्रोनेट के पास कतर से सालाना 85 लाख टन एलएनजी खरीदने का लॉन्गटर्म कॉन्ट्रैक्ट है। इसके अलावा, वह हाजिर बाजार से भी कतर की एलएनजी खरीदती है। पेट्रोनेट के अलावा, आईओसी जैसी कंपनियों के यूएई के साथ भी एलएनजी आयात अनुबंध हैं। सूत्रों के अनुसार, गेल और आईओसी इस कमी को पूरा करने के लिए हाजिर बाजार से गैस खरीदने पर विचार कर रही हैं, लेकिन वहां कीमतें काफी बढ़ गई हैं।

PTI इनपुट के साथ
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख