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  1. PSU Banks में रौनक क्यों? SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत इन शेयरों में देखी जा रही शानदार तेजी

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PSU Banks में रौनक क्यों? SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत इन शेयरों में देखी जा रही शानदार तेजी

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 23, 2026, 12:46 IST

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सारांश

आज सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1.18 पर्सेंट की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इंडियन बैंक और यूनियन बैंक जैसे शेयरों में 3 पर्सेंट तक का उछाल आया है, जिससे निवेशकों में उत्साह है।

शेयर सूची

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सरकारी बैंकों के शानदार प्रदर्शन और लोन ग्रोथ में आई तेजी से निवेशकों की झोली भर रही है।

भारतीय शेयर बाजार में आज सरकारी बैंकों के शेयरों ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स (Nifty PSU Bank) में शानदार बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे बैंकिंग सेक्टर में रौनक लौट आई है। दोपहर 12:15 तक के NSE के डेटा के मुताबिक, इंडेक्स 9,780 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है और इसमें 114 पॉइंट से ज्यादा की तेजी आई है। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकारी बैंकों में यह तेजी उनके बेहतर प्रदर्शन और फ्यूचर में मुनाफे की उम्मीद के कारण आ रही है। प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों के वैल्यूएशन अब काफी आकर्षक नजर आ रहे हैं, जिससे बड़े निवेशक इन स्टॉक्स की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं।

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इन शेयरों में दिख रही है सबसे ज्यादा चमक

सरकारी बैंकों की इस रैली में इंडियन बैंक (INDIANB) सबसे आगे है, जो 3.20 पर्सेंट की बढ़त के साथ 977 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इसके बाद यूनियन बैंक (UNIONBANK) में भी 1.58 पर्सेंट की तेजी देखी जा रही है और यह 197 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक जैसे बड़े नाम भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त के साथ हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। वहीं देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई (SBIN) भी 8.70 अंकों की मजबूती के साथ 1,224 रुपये के करीब बना हुआ है। छोटे सरकारी बैंकों जैसे यूको बैंक और सेंट्रल बैंक में भी खरीदारी का माहौल बना हुआ है।

क्यों आ रही है सरकारी बैंकों में तेजी?

इस बार के तिमाही नतीजों पर गौर करें तो बैंकिंग सेक्टर के लिए एसेट क्वालिटी अब कोई बड़ी चिंता नहीं रह गई है। कलेक्शन के ट्रेंड्स काफी हेल्दी बने हुए हैं, जिससे क्रेडिट कॉस्ट यानी लोन के नुकसान की भरपाई के लिए रखी जाने वाली रकम में कमी आने की उम्मीद है। जब क्रेडिट कॉस्ट कम होती है, तो बैंकों के शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में सीधा इजाफा होता है। इसके अलावा माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशंस (MFI) और क्रेडिट कार्ड पोर्टफोलियो में जो थोड़ा तनाव दिख रहा था, वह भी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। पर्सनल लोन और सुरक्षित रिटेल लोन के सेगमेंट में भी बैंक काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 तक सरकारी बैंकों की कमाई में और मजबूती आएगी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसी कंपनियों से उम्मीद की जा रही है कि उनका रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 1.15 से 1.25 पर्सेंट के बीच रह सकता है, जो काफी पॉजिटिव संकेत है। हालांकि कुछ छोटे टिकट साइज वाले एसएमई (SME) और रिटेल-सीवी (CV) सेगमेंट में थोड़ा दबाव जरूर है, लेकिन इसके साथ यह उम्मीद भी है कि अगले दो क्वार्टर में इसमें भी सुधार हो जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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