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PNGS Reva Diamond Jewellery की हुई 4.95% के डिस्काउंट पर लिस्टिंग, इस काम में माहिर है कंपनी

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 04, 2026, 10:15 IST

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सारांश

पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी के आईपीओ की आज बाजार में कमजोर लिस्टिंग हुई है। 386 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर करीब 5 पर्सेंट के डिस्काउंट के साथ 366.90 रुपये पर लिस्ट हुआ। ग्लोबल मार्केट में मची अफरा-तफरी और घरेलू बाजार में भारी बिकवाली का असर इस नई लिस्टिंग पर साफ दिखाई दे रहा है।

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पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने के लिए तैयार हैं।

पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी के आईपीओ की शुरुआत आज काफी सुस्त रही। कंपनी ने अपने शेयर का ऊपरी भाव 386 रुपये तय किया था, लेकिन यह शेयर करीब 4.95 पर्सेंट के डिस्काउंट के साथ 366.90 रुपये पर लिस्ट हुआ है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले थे, उन्हें लिस्टिंग के वक्त ही प्रति शेयर 19.10 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार में छाई मायूसी और कमजोर सेंटीमेंट की वजह से इस शेयर को वह उछाल नहीं मिल पाया जिसकी उम्मीद की जा रही थी। सुबह 10 बजे जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, निवेशकों में शेयर बेचने की होड़ दिखाई दी।

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कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन का हाल?

पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी के आईपीओ को सब्सक्राइब करने के लिए निवेशकों के पास 26 फरवरी 2026 तक का समय था। तीन दिनों की बिडिंग के बाद यह आईपीओ कुल 1.30 गुना सब्सक्राइब हुआ था। अलग-अलग कैटेगरी की बात करें तो रिटेल कैटेगरी में इसे 1.37 गुना सब्सक्राइब किया गया था। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी कैटेगरी में इसे 1.10 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में 1.62 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। आंकड़ों से साफ है कि निवेशकों ने इस कंपनी पर बहुत ज्यादा भरोसा तो नहीं दिखाया, लेकिन इसे पूरी तरह से भर जरूर दिया।

कंपनी की कमाई का हाल क्या है?

कंपनी के बिजनेस और फाइनेंशियल रिकॉर्ड की बात करें तो पीएनजीएस रीवा डायमंड ज्वेलरी का प्रदर्शन बीते कुछ सालों में स्थिर रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का कुल रेवेन्यू यानी कमाई करीब 259 करोड़ रुपये रही थी। इसी दौरान कंपनी ने लगभग 59 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध मुनाफा कमाया था। कंपनी का एबिटा (EBITDA) भी 79 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा थ। कंपनी मुख्य रूप से सोने और प्लेटिनम में जड़े हुए डायमंड ज्वेलरी के कारोबार में सक्रिय है और महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में इसकी अच्छी पकड़ है।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?

कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए करीब 380 करोड़ रुपये जुटाए हैं और यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू था। कंपनी ने साफ किया है कि इस रकम का एक बड़ा हिस्सा बिजनेस को बढ़ाने में लगाया जाएगा। कंपनी की योजना लगभग 286 करोड़ रुपये खर्च करके 15 नए एक्सक्लूसिव स्टोर खोलने की है। इसके अलावा, करीब 35 करोड़ रुपये मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर खर्च किए जाएंगे ताकि रीवा ब्रांड की पहचान को और मजबूत किया जा सके। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि बाजार इस कंपनी के फ्यूचर प्लान और आज की लिस्टिंग को किस तरह से लेता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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