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  1. अब नेचुरल गैस में ट्रेडिंग होगी और भी आसान, साथ आए NSE और IGX, समझें डीटेल

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अब नेचुरल गैस में ट्रेडिंग होगी और भी आसान, साथ आए NSE और IGX, समझें डीटेल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 13:02 IST

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सारांश

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) ने हाथ मिलाया है। इसके तहत घरेलू नेचुरल गैस पर आधारित डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे। ये कॉन्ट्रैक्ट्स IGX के बेंचमार्क प्राइस इंडेक्स GIXI पर आधारित होंगे। इसका मकसद गैस मार्केट में रिस्क मैनेजमेंट को बेहतर बनाना और पारदर्शिता लाना है।

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NSE और IGX की साझेदारी से देश के एनर्जी मार्केट को मिलेगी नई मजबूती।

भारत के एनर्जी मार्केट और शेयर बाजार के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मुख्य मकसद नेचुरल गैस पर आधारित नए डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को बाजार में पेश करना है। यह भारत के घरेलू गैस मार्केट को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है।

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नेचुरल गैस मार्केट के लिए बड़ी पहल

NSE और IGX मिलकर जो डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स शुरू करने जा रहे हैं, वे IGX के बेंचमार्क प्राइस इंडेक्स पर आधारित होंगे। इस इंडेक्स का नाम GIXI यानी गैस इंडेक्स ऑफ इंडिया रखा गया है। ये कॉन्ट्रैक्ट्स इस तरह से तैयार किए गए हैं कि वे घरेलू गैस बाजार की हलचल और कीमतों को सही तरीके से दिखा सकें। इनकी प्राइसिंग सीधे तौर पर IGX प्लेटफॉर्म पर होने वाले असली ट्रेड से जुड़ी होगी। इससे बाजार में पारदर्शिता आएगी और लोगों का भरोसा बढ़ेगा। यह पहली बार है जब भारत में घरेलू बेंचमार्क पर आधारित इस तरह के एनर्जी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स लाए जा रहे हैं।

सेबी से मिली हरी झंडी

इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी (SEBI) ने अपनी मंजूरी दे दी है। NSE को इंडियन नेचुरल गैस फ्यूचर्स लॉन्च करने की इजाजत मिल गई है। हालांकि अभी इन कॉन्ट्रैक्ट्स को लॉन्च करने की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। सेबी की मंजूरी मिलने के बाद अब NSE इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यह कदम NSE के उस प्लान का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने कमोडिटी डेरिवेटिव सेगमेंट का विस्तार करना चाहता है।

इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे बड़ा फायदा गैस की वैल्यू चेन से जुड़े लोगों को होगा। चाहे वे बड़ी कंपनियां हों, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशंस हों या फिर रजिस्टर्ड ब्रोकर्स और इन्वेस्टर्स, सभी के लिए यह रिस्क मैनेजमेंट का एक बेहतरीन जरिया बनेगा। इसके जरिए वे नेचुरल गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से अपना बचाव कर पाएंगे। यह एक ऐसा इन्वेस्टमेंट टूल होगा जो घरेलू मार्केट की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है।

मार्केट की एफिशिएंसी में होगा सुधार

NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर (CBDO) श्रीराम कृष्णन ने इस मौके पर कहा कि यह साझेदारी भारत के गैस इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। उनके मुताबिक, NSE भारत का पहला ऐसा एक्सचेंज बन गया है जो घरेलू बेंचमार्क पर आधारित एनर्जी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट लॉन्च करने जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेचुरल गैस फ्यूचर्स की शुरुआत से मार्केट की एफिशिएंसी बढ़ेगी और कारोबार में पारदर्शिता आएगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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