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HDFC Share Price: आरबीआई गवर्नर ने HDFC बैंक के कामकाज के तरीके को लेकर क्या कहा? शेयरों पर दिखा असर

Upstox

4 min read | अपडेटेड April 08, 2026, 14:02 IST

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सारांश

HDFC Share Price: इसका असर एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। आज दोपहर 1:30 बजे के आस-पास एचडीएफसी बैंक के शेयर 5% यानी कि करीब 40 रुपये चढ़कर 811-812 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड हो रहे थे।

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एचडीएफसी बैंकों के शेयर आज क्यों भागे?

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक के पर्यवेक्षी निरीक्षण (Supervisory Inspection) के दौरान उसके संचालन या तौर-तरीकों से जुड़ी कोई गड़बड़ी नहीं पायी गई है। इसका असर एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है। आज दोपहर 1:30 बजे के आस-पास एचडीएफसी बैंक के शेयर 5% यानी कि करीब 40 रुपये चढ़कर 811-812 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड हो रहे थे। मल्होत्रा ने एमपीसी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेन्स में एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे और उसके बाद बैंक के शेयर की कीमत में आई गिरावट से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि आरबीआई ने बैंक की मीटिंग्स की डीटेल्स भी देखी हैं और उसमें कोई भी चिंताजनक बात नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 19 मार्च को जारी बयान में भी कहा था कि बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों या संचालन के संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली।

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आरबीआई ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा, ‘एचडीएफसी बैंक घरेलू स्तर पर सिस्टम के लिहाज से महत्वपूर्ण बैंक है। इसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है, बोर्ड पेशेवर रूप से संचालित है और मैनेजमेंट टीम सक्षम है। हमारे समय-समय मूल्यांकन के आधार पर, इसके कामकाज के तौर-तरीकों या संचालन के संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली है।’ चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा दे दिया था। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम ‘बेहद सुरक्षित और मजबूत’ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच बैंकों के लाभ और ‘सेहत’ को लेकर कोई सिस्टमैटिक जोखिम नहीं है। एक सवाल के जवाब में, गवर्नर ने संकेत दिया कि कम ब्याज दर व्यवस्था लंबे समय तक जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि रुपये की अस्थिरता को कंट्रोल करने के लिए आरबीआई द्वारा हाल ही में उठाए गए कदम हमेशा के लिए नहीं रहेंगे।

कच्चे तेल को लेकर क्या बोले आरबीआई गवर्नर?

आरबीआई ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 85 डॉलर प्रति बैरल और रुपया 94 प्रति डॉलर पर रहने का बुधवार को अनुमान लगाया। आरबीआई के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत का अनुमान वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही के 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ाकर अब 2026-27 के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है। इसी तरह, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के अनुमान को भी 88 रुपये से बढ़ाकर 94 रुपये प्रति डॉलर कर दिया गया है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कच्चे तेल की कीमत का आधार अनुमान 85 डॉलर प्रति बैरल और फाइनेंशियल ईयर 2027-28 के लिए 75 डॉलर प्रति बैरल रखा गया है, जो ब्रेंट कच्चे तेल के वायदा भाव की औसत कीमतों के अनुरूप है।’ आरबीआई में कहा गया कि अक्टूबर, 2025 से दिसंबर, 2025 के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी और ओपेक प्लस द्वारा आपूर्ति बढ़ाए जाने के कारण कीमतें 63 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गई थीं। हालांकि, मार्च, 2026 में यह स्थिति अचानक बदल गई और बढ़ते ग्लोबल तनाव के कारण कीमतें नवंबर, 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गईं। भारतीय रुपये की बात करें तो अक्टूबर, 2025 से जनवरी, 2026 के दौरान यह 87-92 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में था। अक्टूबर से नवंबर के मध्य तक रुपया 88 के स्तर पर स्थिर रहा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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