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4 min read | अपडेटेड November 26, 2025, 14:56 IST
सारांश
Metal Stocks Boom: बुधवार के कारोबारी सेशन में निफ्टी मेटल इंडेक्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। मेटल शेयरों में 4 फीसदी तक का उछाल आया है। इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं।

मेटल इंडेक्स में लौटी रौनक
Metal Stocks Boom: बुधवार का दिन शेयर बाजार में मेटल कंपनियों के नाम रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स ने बाजार में धूम मचा दी और यह सबसे ज्यादा चढ़ने वाले सेक्टरों में शामिल हो गया। मेटल इंडेक्स के लगभग हर शेयर में हरियाली देखने को मिली और कई दिग्गज शेयरों में तो 4 फीसदी तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई। निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर अचानक मेटल सेक्टर में इतनी चमक कहां से आ गई। तो आपको बता दें कि इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला कारण अमेरिका से जुड़ा है, जहां फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें पिछले हफ्ते के मुकाबले काफी बढ़ गई हैं। लेकिन दूसरा और सबसे अहम कारण घरेलू है, जो सीधा भारत सरकार के स्टील मंत्रालय से जुड़ा है।
CNBC की रिपोर्ट में बताया गया है कि स्टील आयात पर लगने वाली प्रोविजनल सेफगार्ड ड्यूटी 6 नवंबर को खत्म हो गई थी। इसका मतलब है कि अभी विदेशी स्टील पर कोई विशेष सुरक्षा शुल्क नहीं है। लेकिन सेक्रेटरी ने साफ किया है कि सरकार सेफगार्ड ड्यूटी को दोबारा लागू करने पर विचार कर रही है और इस पर जल्द ही फैसला आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीआईएस (BIS) नियमों और क्वालिटी कंट्रोल में जो बदलाव किए जा रहे हैं, उनका मकसद स्टील बनाने वालों और उसे इस्तेमाल करने वालों, दोनों के हितों को संतुलित करना है।
इस समय ग्लोबल मार्केट में चीन एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। भले ही चीन में स्टील का उत्पादन कम हो रहा हो, लेकिन उसका निर्यात यानी एक्सपोर्ट अभी भी बहुत ज्यादा है। चीन हर महीने करीब 10 मिलियन टन स्टील बाहर भेज रहा है। जब इतना ज्यादा स्टील ग्लोबल मार्केट में आएगा, तो कीमतें गिरना तय है। इसी वजह से भारतीय कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बन रहा है। अगर सरकार सेफगार्ड ड्यूटी लगाती है, तो भारतीय स्टील इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी।
अभी हालात ऐसे हैं कि भारतीय स्टील के दाम और बाहर से आने वाले स्टील के दाम लगभग बराबर हैं। लेकिन अगर सेफगार्ड ड्यूटी लागू हो जाती है, तो गणित पूरी तरह बदल जाएगा। ड्यूटी लगने के बाद घरेलू स्टील की कीमतें चीन के मुकाबले 12 फीसदी सस्ती हो जाएंगी। वहीं जापान और कोरिया से आने वाले स्टील के मुकाबले भारतीय स्टील 8 से 9 फीसदी सस्ता हो जाएगा। जब ग्लोबल मार्केट में स्टील इतना सस्ता मिल रहा हो, तो ऐसे समय में यह ड्यूटी घरेलू कंपनियों के मुनाफे और कीमतों को सहारा देने का काम करेगी।
भारत में आने वाले समय में स्टील उत्पादन की कई नई क्षमताएं शुरू होने वाली हैं। इससे सप्लाई बढ़ेगी। दूसरी तरफ, यूरोप में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) लागू होने से वहां एक्सपोर्ट करना महंगा और मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में कंपनियों के लिए घरेलू बाजार को बचाना बहुत जरूरी हो गया है। सेफगार्ड ड्यूटी का फैसला इस दिशा में बहुत मददगार साबित होगा। स्टील सेक्रेटरी ने यह भी उम्मीद जताई है कि आगे चलकर स्टील की मांग 8 से 10 फीसदी की दर से बढ़ेगी और साल 2026 तक कीमतें भी स्थिर हो जाएंगी।
इस खबर का असर सीधे शेयरों के भाव पर दिखा। लॉयड्स मेटल्स, जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) और सेल (SAIL) के शेयर 3 से 4 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा हिंदुस्तान कॉपर और जिंदल स्टेनलेस के शेयरों में भी 2 से 3 फीसदी की तेजी देखने को मिली। निवेशकों को अब सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार है, जो इस सेक्टर की दिशा तय करेगा।
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