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  1. Nifty IT: Coforge, TCS और Infosys समेत कई शेयर 6% तक चढ़े, CLSA की इस रिपोर्ट ने बदला मूड

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Nifty IT: Coforge, TCS और Infosys समेत कई शेयर 6% तक चढ़े, CLSA की इस रिपोर्ट ने बदला मूड

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड March 18, 2026, 13:14 IST

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सारांश

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी Coforge में रही और यह करीब 6 फीसदी उछल गया। इसके अलाव OFSS, Persistent Systems, Infosys और Tech Mahindra के शेयर भी 4 फीसदी से अधिक उछल गए। HCL Tech, TCS और Wipro में करीब 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

Nifty IT

Nifty IT: पिछले 6 महीने में यह इंडेक्स करीब 19 फीसदी गिरा है।

Nifty IT: आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 18 मार्च को जबरदस्त तेजी नजर आ रही है। इसके चलते Nifty IT इंडेक्स आज करीब 4 फीसदी तक उछल गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह 3.83 फीसदी बढ़कर 29849.75 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। वहीं इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे। बता दें कि इसके पहले आईटी सेक्टर में 1 महीने में करीब 9 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके अलावा पिछले 6 महीने में यह इंडेक्स करीब 19 फीसदी गिरा है।
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Coforge समेत इन शेयरों में तेजी

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा खरीदारी Coforge में रही और यह करीब 6 फीसदी उछल गया। इसके अलाव OFSS, Persistent Systems, Infosys और Tech Mahindra के शेयर भी 4 फीसदी से अधिक उछल गए। HCL Tech, TCS और Wipro में करीब 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

IT सेक्टर में AI के खतरे पर नई रिपोर्ट

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भारतीय आईटी कंपनियों पर AI के खतरे को खारिज कर दिया है। CLSA का कहना है कि Anthropic और OpenAI जैसे नए AI टूल्स आने के बावजूद क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट के रिन्यूअल में प्राइसिंग पर कोई दबाव देखने को नहीं मिला है। इसी पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद आईटी सेक्टर में जोरदार तेजी आई।

CLSA ने बताया कि उसने TCS, Infosys, HCL Tech और Wipro जैसी बड़ी कंपनियों से बात की, जिसमें यह सामने आया कि AI की वजह से कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल में कीमतें घटने का कोई सबूत नहीं है।

इसलिए हो रही है डील में देरी

CLSA ने कहा कि कुछ कंपनियों ने यह बताया कि क्लाइंट्स नए AI टूल्स को समझने और मिडिल ईस्ट संकट के चलते फैसले लेने में थोड़ा समय ले रहे हैं, जिससे डील फाइनल होने में हल्की देरी हो रही है। फिर भी कंपनियों का डील पाइपलाइन मजबूत बना हुआ है।

CLSA ने यह भी कहा कि भारतीय आईटी कंपनियों की मिडिल ईस्ट से कमाई बहुत कम है, इसलिए वहां के तनाव का सीधा असर सीमित है। हालांकि, आगे का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि जियोपॉलिटिकल स्थिति कैसी रहती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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