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NIFTY AUTO: M&M समेत कई ऑटो स्टॉक्स में बिकवाली, India-EU डील से जुड़ी इस खबर से सहमे निवेशक

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 11:25 IST

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सारांश

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में देखी गई और यह करीब 5 फीसदी लुढ़क गया। इसके अलावा Maruti Suzuki India में 1.87 फीसदी, Tube Investments of India में 1.73 फीसदी, Ashok Leyland में 1.70 फीसदी और Tata Motors Passenger Vhcls में 1.28 फीसदी की कमजोरी नजर आई।

Auto stocks

Auto stocks: रिपोर्ट्स के अनुसार भारत और यूरोपीय संघ के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते बढ़ते कॉम्पिटिशन के डर ने बिकवाली को बढ़ावा दिया।

NIFTY AUTO: भारतीय शेयर बाजार में आज 27 जनवरी को सपाट ट्रेडिंग हो रही है। हालांकि इस बीच ऑटो सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। आज के कारोबार में Nifty Auto इंडेक्स 1.50 फीसदी से अधिक लुढ़ककर 26218.30 के स्तर पर आ गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स में शामिल 15 में से 11 शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। दरअसल रिपोर्ट्स के अनुसार भारत और यूरोपीय संघ के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के चलते बढ़ते कॉम्पिटिशन के डर ने बिकवाली को बढ़ावा दिया।
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M&M समेत ये शेयर लुढ़के

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयरों में देखी गई और यह करीब 5 फीसदी लुढ़क गया। इसके अलावा Maruti Suzuki India में 1.87 फीसदी, Tube Investments of India में 1.73 फीसदी, Ashok Leyland में 1.70 फीसदी और Tata Motors Passenger Vhcls में 1.28 फीसदी की कमजोरी नजर आई। Exide Industries, Hero Motocorp और Bajaj Auto जैसे शेयर भी लाल निशान पर ट्रेड करते दिखे।

यूरोपियन यूनियन से इम्पोर्ट होने वाली कारों पर टैरिफ घटाने की उम्मीद

रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सुत्रों के हवाले से बताया है कि भारत ने यूरोपियन यूनियन से इम्पोर्ट होने वाली कारों पर टैरिफ को 110% से घटाकर 40% करने की योजना बनाई है। यह देश के बड़े बाजार को खोलने की अब तक की सबसे बड़ी पहल है। दोनों पक्ष एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रहे हैं, जिसकी घोषणा आज मंगलवार तक होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार 27 देशों के समूह से आने वाली कुछ सीमित कारों पर टैक्स तुरंत कम करने पर सहमत हो गई है। जिन कारों की कीमत 15,000 यूरो (करीब ₹15–16 लाख) से ज़्यादा है, उन पर अभी भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है। अब इसे तुरंत कम किया जाएगा और धीरे-धीरे 10% तक लाया जाएगा। इससे Volkswagen, Mercedes-Benz और BMW जैसी यूरोपीय कंपनियों को भारत में गाड़ियां बेचना आसान हो जाएगा।

अभी भारत में विदेश से आने वाली कारों पर 70% से लेकर 110% तक टैक्स लगता है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक है। सरकार अब करीब 2 लाख पेट्रोल-डीजल कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी तुरंत 40% करने का प्रस्ताव दे रही है। यह अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है ऑटो सेक्टर खोलने की दिशा में।

भारत और यूरोप के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मंगलवार को बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है। इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और भारत के टेक्सटाइल व ज्वेलरी जैसे एक्सपोर्ट को फायदा मिलेगा, जो हाल में अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इलेक्ट्रिक कारों (EV) को पहले 5 साल तक इस छूट से बाहर रखा जाएगा, ताकि टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसी देसी कंपनियों की EV में की गई निवेश की सुरक्षा हो सके। पांच साल बाद EV पर भी इसी तरह टैक्स कम किया जाएगा। कम टैक्स होने से यूरोपीय कंपनियाँ भारत में सस्ती कीमत पर इम्पोर्टेड कारें बेच पाएंगी और पहले मार्केट टेस्ट कर सकेंगी, फिर आगे चलकर लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा सकती हैं। अभी भारत के कार बाजार में यूरोपीय कंपनियों की हिस्सेदारी 4% से भी कम है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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