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  1. सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹940 करोड़ का मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स IPO, कितना बड़ा बिजनेस, क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

मार्केट न्यूज़

सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹940 करोड़ का मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स IPO, कितना बड़ा बिजनेस, क्या हैं रिस्क फैक्टर्स?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड August 10, 2026, 11:08 IST

सारांश

मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो आज खुल गया है। अगर आप इस आईपीओ में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो उससे पहले कुछ अहम बातों पर नजर डालना बेहद जरूरी है।

मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ

मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ आज से खुला सब्सक्रिप्शन के लिए (Photo: Shutterstock)

मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ 939.70 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 200 करोड़ रुपये के .25 करोड़ नए शेयरों का इश्यू और 739.70 करोड़ रुपये के .92 करोड़ शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो आज खुल गया है और 12 अगस्त को सब्सक्रिप्शन विंडो क्लोज हो जाएगा। मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ के लिए शेयरों का अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है। मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स लिमिटेड के शेयर एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे और इसकी संभावित लिस्टिंग तारीख 17 अगस्त, 2026 तय की गई है।

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मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 768 से 807 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 18 शेयर है। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी न्यूनतम निवेश राशि ₹14,526 (18 शेयर) है।

कैसा है कंपनी का बिजनेस?

मोलबायो डायग्नॉस्टिक्स की स्थापना 2000 में हुई थी। कंपनी का मुख्य फोकस मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और पॉइंट ऑफ केयर टेस्टिंग पर है।

कंपनी का प्रमुख प्रोडक्ट Truenat है। यह बैटरी से चलने वाला पोर्टेबल PCR प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल TB, मलेरिया, HIV, HPV, डेंगू, स्वाइन फ्लू और अन्य बीमारियों की जांच में किया जा सकता है।

Truenat का एक बड़ा फायदा इसका तेज टेस्ट रिजल्ट है। पारंपरिक जांच में जहां 2-7 दिन तक लग सकते हैं, वहीं Truenat करीब 60 मिनट में परिणाम देने में सक्षम है।

कंपनी के पोर्टफोलियो में 40 से ज्यादा infectious disease tests हैं। इसके अलावा करीब 45 अन्य टेस्ट विकास के विभिन्न चरणों में हैं।

कंपनी की तकनीक खासतौर पर ऐसे इलाकों के लिए उपयोगी है जहां बड़े लैब इंफ्रास्ट्रक्चर या लगातार बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

RHP के अनुसार Truenat को WHO और ICMR जैसी संस्थाओं से मान्यता/समर्थन मिला है और TB जांच में इसे भारत के National Tuberculosis Elimination Programme में भी शामिल किया गया है।

कंपनी के पास गोवा, बेंगलुरु और विशाखापट्टनम और अन्य स्थानों पर मैनुफैक्चरिंग/आरएंडडी सुविधाएं हैं और बिगटेक, Prognosys और OptraScan जैसी सब्सिडियरीज भी ग्रुप का हिस्सा हैं।

प्रमुख रिस्क फैक्टर्स

प्रतिस्पर्धा बढ़ने का जोखिमः मोलिक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स मार्केट में बड़ी कंपनियों के पास मोलबियो की तुलना में ज्यादा वित्तीय संसाधन, आरएंडडी, मैनुफैक्चरिंग कैपेसिटी, रेगुलेटरी एक्सपीरियंस और व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क हो सकता है।
सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं पर निर्भरताः कंपनी के प्रोडक्ट्स की मौजूदा डिमांड में पब्लिक हेल्थ इनिशिएटिव्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर ऐसी सरकारी योजनाएं कम, स्थगित या दूसरी स्वास्थ्य प्राथमिकताओं की ओर मोड़ी जाती हैं, तो कंपनी की मांग प्रभावित हो सकती है।
सप्लाई चेन रिस्कः डायग्नॉस्टिक डिवाइस के लिए कंपनी ग्लोबल लेवल पर कुछ कंपोनेंट्स और रिएजेंट्स पर निर्भर है। किसी महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट या रिएजेंट की कमी से प्रोडक्शन में देरी हो सकती है।
स्किल्ड एम्प्लॉईज पर निर्भरताः यह कारोबार हाइली स्पेशलाइज्ड टैलेंट पर निर्भर है। प्रमुख कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने से प्रोडक्ट डेवलपमेंट और रेगुलेटरी अप्रूवल्स में देरी हो सकती है।
वर्किंग कैपिटल का जोखिमः पब्लिक हेल्थ प्रोजेक्ट्स में पेमेंट साइकल लंबा होने पर कंपनी की वर्किंग कैपिटल रिक्वॉयरमेंट बढ़ सकती है।
उत्पादों को अपनाने में देरीः सरकारी प्रक्रियाएं, प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स की स्विचिंग कॉस्ट, जागरूकता की कमी और मौजूदा डायग्नॉस्टिक मेथड्स को बदलने में हिचकिचाहट Truenat की अडॉप्शन को धीमा कर सकती है।
भविष्य में नई प्रतिस्पर्धाः वर्तमान में प्रतिस्पर्धात्मक जोखिम सीमित बताया गया है, लेकिन बड़े इस्टैब्लिश्ड ब्रांड्स भविष्य में एडवांस्ड POCT सॉल्यूशन्स लेकर आ सकते हैं। इससे मोलबायो पर दबाव बढ़ सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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