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  1. मिडिल ईस्ट टेंशन, कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी शेयर मार्केट की दिशा, क्या है एक्सपर्ट्स की राय

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मिडिल ईस्ट टेंशन, कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी शेयर मार्केट की दिशा, क्या है एक्सपर्ट्स की राय

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 22, 2026, 14:34 IST

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सारांश

विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताते हुए कहा कि ग्लोबल मार्केटों के रुझान, विदेशी निवेशकों के रुख और रुपये-डॉलर की चाल भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेगी। ‘राम नवमी’ के चलते अगले सप्ताह गुरुवार को शेयर मार्केट बंद रहेंगे।

शेयर मार्केट

23 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में कैसी रहेगी शेयर मार्केट की चाल?

स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह मि़डिल ईस्ट में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विशेषज्ञों ने यह अनुमान जताते हुए कहा कि ग्लोबल मार्केटों के रुझान, विदेशी निवेशकों के रुख और रुपये-डॉलर की चाल भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेगी। ‘राम नवमी’ के चलते अगले सप्ताह गुरुवार को शेयर मार्केट बंद रहेंगे। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (एसवीपी) अजित मिश्रा ने कहा, 'मौजूदा ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच इस सप्ताह बाजार आंकड़ों के प्रति संवेदनशील रह सकता है। मिडिल ईस्ट टेंशन और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमुख बाहरी कारक बने रहेंगे और निकट अवधि में बाजार रुझान को तय करेंगे।'

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उन्होंने आगे कहा, ‘घरेलू मोर्चे पर निवेशक मैनुफैक्चरिंग, सर्विसेज और कंपोजिट कैटेगरियों के लिए एचएसबीसी के पीएमआई के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखेंगे, जो व्यावसायिक गतिविधियों के रुझानों का शुरुआती संकेत देगा।' मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भारत की वृद्धि और कॉरपोरेट इनकम पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंताओं के कारण, विदेशी निवेशकों ने इस महीने अब तक भारतीय शेयरों से 88,180 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।

ऑनलाइन कारोबारी फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘बाजारों के अत्यधिक अस्थिर और घटना आधारित रहने का अनुमान है। निकट अवधि की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों, विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट के आसपास उभरती स्थिति पर निर्भर करेगी। किसी भी लंबे व्यवधान के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के स्तर से ऊपर बनी रह सकती हैं। इससे मुद्रास्फीति और चालू खाते का घाटा का दबाव बढ़ सकता है और जोखिम से बचने की धारणा बनी रह सकती है।’ उन्होंने कहा कि एफआईआई फ्लो, रुपये की चाल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती सहित ग्लोबल संकेतों पर नजर रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों में कमी या तनाव कम होने के किसी भी संकेत से तेजी आ सकती है, जबकि तनाव बढ़ने से बाजार पर और दबाव पड़ सकता है। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स में 30.96 अंक (0.04%) और एनएसई निफ्टी में 36.6 अंक (0.15%) की गिरावट दर्ज की गई थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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