मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड January 08, 2026, 16:22 IST
सारांश
मीशो के शेयरों में पिछले तीन दिनों से लगातार गिरावट देखी जा रही है। कंपनी के बिजनेस जनरल मैनेजर के इस्तीफे और लॉक-इन पीरियड खत्म होने से बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ने का डर निवेशकों को सता रहा है।
शेयर सूची

शेयर बाजार में मीशो के शेयरों में भारी बिकवाली आज भी देखी गई है।
ई-कॉमर्स कंपनी मीशो लिमिटेड के निवेशकों के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। गुरुवार के कारोबारी सेशन में मीशो के शेयरों में एक बार फिर 5 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया। यह लगातार तीसरा दिन है जब कंपनी के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है। इस गिरावट की वजह से शेयर की कीमत कारोबार के दौरान 164.55 रुपये के लेवल पर आ गई है। हालांकि बाजार बंद होने के वक्त उसमें निचले लेवल से आई खरीदारी की वजह से शेयर 4.75 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही दिनों पहले शानदार लिस्टिंग करने वाली कंपनी अचानक बिकवाली के दबाव में आ गई?
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में मीशो ने बताया है कि कंपनी की बिजनेस जनरल मैनेजर और सीनियर मैनेजमेंट की सदस्य मेघा अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। किसी भी कंपनी के लिए उसके सीनियर मैनेजमेंट का जाना एक बड़ा संकेत माना जाता है और बाजार इसे अक्सर निगेटिव रूप में लेता है। मैनेजमेंट में इस अचानक हुए बदलाव से निवेशकों के भरोसे को थोड़ी चोट पहुंची है। हालांकि, कंपनी ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं और मिलन परतानी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिलन परतानी अब कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जनरल मैनेजर की भूमिका निभाएंगे। वे पहले से ही यूजर ग्रोथ और कंटेंट कॉमर्स के जनरल मैनेजर के तौर पर कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं और कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट का हिस्सा बने रहेंगे।
मीशो के शेयरों में मची इस खलबली की एक और बड़ी वजह 11 करोड़ शेयरों का बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होना है। दरअसल, कंपनी के आईपीओ के समय जो एक महीने का शेयरहोल्डर लॉक-इन पीरियड तय किया गया था, वह बुधवार को समाप्त हो गया। इसका मतलब यह है कि अब 11 करोड़ शेयर, जो कुल बकाया शेयरों का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा हैं, खुले बाजार में बेचने के लिए पात्र हो गए हैं। जब भी लॉक-इन पीरियड खत्म होता है, तो पुराने बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के लिए शेयर बेचने की संभावना रहती है। बाजार में शेयरों की सप्लाई अचानक बढ़ने के इसी डर से कीमतों पर भारी दबाव बना हुआ है।
दिसंबर के महीने में मीशो के शेयरों ने काफी शानदार प्रदर्शन किया था और 18 दिसंबर 2025 को यह 254.65 रुपये के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन तब से अब तक शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई है। मौजूदा भाव को देखें तो यह अपने ऊपरी स्तर से लगभग 35.4 प्रतिशत नीचे आ चुका है। जिन निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर खरीदारी की थी, उन्हें अब बड़े घाटे का सामना करना पड़ रहा है। लगातार तीन दिनों की इस गिरावट ने कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी असर डाला है और निवेशकों के मन में भविष्य को लेकर आशंकाएं पैदा कर दी हैं। हालांकि, कंपनी अब भी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर बनी हुई है, लेकिन गिरावट की रफ्तार ने सबको हैरान कर दिया है।
मीशो की शुरुआत शेयर बाजार में काफी धमाकेदार हुई थी। 10 दिसंबर 2025 को जब यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हुआ था, तो इसने अपने इश्यू प्राइस 111 रुपये के मुकाबले 46.4 प्रतिशत के भारी प्रीमियम के साथ 162.50 रुपये पर एंट्री की थी। कंपनी ने अपने आईपीओ के जरिए कुल 5,421.20 करोड़ रुपये जुटाए थे। साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आईपीओ के लिहाज से एक बड़ा साल रहा है, जिसमें 106 कंपनियां मेनबोर्ड पर लिस्ट हुई हैं। मीशो जैसी बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग ने बाजार में नई जान फूंकी थी, लेकिन फिलहाल मैनेजमेंट में बदलाव और शेयरों की बिकवाली का डर कंपनी की सेहत पर भारी पड़ता दिख रहा है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि क्या नए मैनेजमेंट के नेतृत्व में कंपनी दोबारा अपनी बढ़त हासिल कर पाती है या नहीं।
संबंधित समाचार
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।
लेखकों के बारे में

अगला लेख
इसको साइनअप करने का मतलब है कि आप Upstox की नियम और शर्तें मान रहे हैं।