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  1. Maruti Suzuki के शेयरों में आज क्यों दिख रहा उछाल, CEO के इस बयान का दिखा असर

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Maruti Suzuki के शेयरों में आज क्यों दिख रहा उछाल, CEO के इस बयान का दिखा असर

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 25, 2026, 11:56 IST

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सारांश

मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘कैलेंडर ईयर 2025 में कंपनी ने रेलवे के जरिये 5.85 लाख से अधिक गाड़ियों की ढुलाई कर रिकॉर्ड बनाया।'

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मारुति सुजुकी इंडिया

मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में क्यों दिख रही तेजी?

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड का प्लान फाइनेंशियल ईयर 2030-31 तक रेल मार्ग से गाड़ियों की सप्लाई की हिस्सेदारी बढ़ाकर 35% करने का है। वर्तमान में यह हिस्सेदारी 26% है। कंपनी ने बुधवार को बयान में कहा कि मानेसर प्लांट के अंदर रेल पटरी सुविधा (इन-प्लांट रेलवे साइडिंग) से जून 2025 में परिचालन शुरू होने के बाद से अब तक एक लाख गाड़ियों की ढुलाई (डिस्पैच) की जा चुकी है। इससे करीब 16,800 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन कम हुआ। मारुति सुजुकी के शेयरों में आज कुछ हलचल भी देखने को मिल रही है। सुबह 11:45 बजे के आस-पास मारुति सुजुकी के शेयरों में करीब 2% यानी कि 252 रुपये की तेजी देखने को मिली, जिसके बाद एक शेयर 12,720 रुपये के आस-पास ट्रेड हो रहा है।

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2016 से अभी तक कितनी बढ़ी है रेल परिवहन की हिस्सेदारी?

मारुति सुजुकी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा, ‘कैलेंडर ईयर 2025 में कंपनी ने रेलवे के जरिये 5.85 लाख से अधिक गाड़ियों की ढुलाई कर रिकॉर्ड बनाया। दिलचस्प बात यह है कि पिछले दशक में हमारी आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स में रेल परिवहन की हिस्सेदारी 2016 के 5% से बढ़कर 2025 में 26% हो गई है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा प्लान 2030-31 तक रेल आधारित वाहन ढुलाई की हिस्सेदारी 26% से बढ़ाकर 35% करने की है। यह कुशल और टिकाऊ लॉजिस्टिक्स डेवलप करने और भारत के शुद्ध शून्य लक्ष्य में योगदान देने की हमारी प्रतिबद्धता के हिसाब से है।’

कंपनी के अनुसार, मानेसर ‘रेलवे साइडिंग’ भारत में मोटर वाहन सेक्टर की सबसे बड़ी यूनिट के अंदर स्थापित रेलवे सुविधा है। वहीं गुजरात ‘रेलवे साइडिंग’ के बाद यह मोटर वाहन इंडस्ट्री और कंपनी के लिए दूसरा पीएम गतिशक्ति ‘इन-प्लांट टर्मिनल’ है।

क्या है रेलवे साइडिंग?

इस ‘रेलवे साइडिंग’ के जरिए कंपनी 17 केंद्र के जरिए 380 शहरों तक गाड़ियों की सप्लाई कर रही है, जिसके लिए समर्पित ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘रेलवे साइडिंग’ में ‘हब-एंड-स्पोक मॉडल’ एक केंद्रीकृत माल ढुलाई सिस्टम है। इसमें प्रमुख रेलवे साइडिंग ‘हब’ (केंद्र) के रूप में कार्य करती है, जहां दूर-दराज की जगहों या छोटे स्टेशन (स्पोक) से माल सड़क मार्ग से लाया जाता है। केंद्र पर माल इकट्ठा कर रेल द्वारा आगे लंबी दूरी के लिए भेजा जाता है। इससे समय और लागत दोनों कम होते हैं।

भाषा इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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