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  1. आज खत्म हो रहा है एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का लॉक-इन पीरियड, यहां समझिए इसका क्या है मतलब?

मार्केट न्यूज़

आज खत्म हो रहा है एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का लॉक-इन पीरियड, यहां समझिए इसका क्या है मतलब?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 08, 2026, 08:59 IST

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सारांश

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों के लिए आज का दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कंपनी की तीन महीने की लॉक-इन अवधि खत्म होने से करीब 1.52 करोड़ शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे। बुधवार को शेयर 2.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर आज दिख सकता है असर

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सेशन के दौरान एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कंपनी के प्री-लिस्टिंग शेयरधारकों के लिए तय की गई तीन महीने की लॉक-इन अवधि आज यानी 8 जनवरी को समाप्त हो रही है। नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, लॉक-इन खत्म होने के बाद लगभग 1.52 करोड़ शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा हैं, शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।

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करोड़ों के शेयरों की होगी बाजार में एंट्री

बुधवार को बाजार बंद होने के समय शेयर की जो कीमत थी, उसके आधार पर इन शेयरों का कुल वैल्यू लगभग 2,211 करोड़ रुपये आंकी गई है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि लॉक-इन अवधि समाप्त होने का मतलब यह कतई नहीं है कि ये सभी शेयर आज ही खुले बाजार में बेच दिए जाएंगे। इसका सीधा मतलब सिर्फ इतना है कि अब ये शेयरधारक अपने शेयर बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, बाजार में शेयरों की सप्लाई बढ़ने की संभावना से अक्सर स्टॉक की कीमतों पर दबाव देखा जाता है।

आईपीओ के बाद से प्रदर्शन का हाल

अगर हम एलजी इंडिया के शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो यह अपने 1,140 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 28 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। लेकिन, लिस्टिंग के बाद इसने 1,749 रुपये का जो हाई बनाया था, वहां से इसमें करीब 17 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। बुधवार को भी कंपनी के शेयर 2.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,454.60 रुपये पर बंद हुए थे। कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत है, जो सार्वजनिक फ्लोट नियमों के हिसाब से काफी ज्यादा है। बाकी हिस्सेदारी में म्यूचुअल फंड्स और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के साथ-साथ करीब 28 लाख छोटे रिटेल निवेशक शामिल हैं।

बाजार के जानकारों का कहना है कि लॉक-इन खत्म होने वाले दिन निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। बड़े संस्थागत निवेशक या शुरुआती शेयरधारक मुनाफावसूली के लिए अपने शेयर बेच सकते हैं, जिससे कीमतों में अस्थाई गिरावट आ सकती है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और बाजार में इसकी पकड़ को देखते हुए कई विश्लेषक अभी भी इस पर पॉजिटिव बने हुए हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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