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  1. आईटी शेयरों में लौटी रौनक! भारी गिरावट के बाद अब इंफोसिस और एचसीएल टेक में आई तेजी, ये है वजह

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आईटी शेयरों में लौटी रौनक! भारी गिरावट के बाद अब इंफोसिस और एचसीएल टेक में आई तेजी, ये है वजह

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 11:08 IST

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सारांश

पिछले कुछ दिनों की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय आईटी शेयरों में रिकवरी देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.31 पर्सेंट उछल गया और इंडेक्स के सभी 10 शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। इंफोसिस और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार का मूड सुधरा है।

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मंगलवार को आईटी शेयरों में आई रिकवरी से निवेशकों को बड़ी राहत मिली।

पिछले कई सेशन से AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरे की वजह से आईटी सेक्टर के शेयरों में मची हाहाकार के बाद अब निवेशकों के लिए अच्छी खबर आई है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय आईटी शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.31 पर्सेंट तक बढ़ गया और इंडेक्स की सभी 10 कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इस तेजी ने उन निवेशकों को राहत दी है जो पिछले दो हफ्तों से लगातार हो रही बिकवाली से परेशान थे। बाजार में आई इस रिकवरी की अगुवाई दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने की, जिसका शेयर 3 पर्सेंट से ज्यादा चढ़ गया। इसके साथ ही कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे शेयरों में भी अच्छी बढ़त देखी गई।

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आईटी इंडेक्स में जोरदार रिकवरी

आईटी सेक्टर में आई यह तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दो हफ्तों में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 13 पर्सेंट तक गिर चुका था। एंथ्रोपिक और पालान्टिर टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियों में हुए नए बदलावों के बाद निवेशकों को यह डर सताने लगा था कि एआई तकनीक आने वाले समय में आईटी कंपनियों के पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह खत्म कर सकती है। बाजार को डर था कि एजेंटिक एआई तकनीक तेजी से उन कामों को करने लगेगी जिसके लिए अब तक इंसानों की जरूरत पड़ती थी। इसी डर की वजह से निवेशकों ने बड़ी मात्रा में शेयरों को बेचा था। लेकिन मंगलवार को खरीदारों के वापस आने से ऐसा लग रहा है कि बाजार अब इन खतरों को नए नजरिए से देख रहा है।

यूबीएस और सिटी की राय क्या है?

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक यूबीएस ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि निवेशकों की चिंता अब कंपनियों के भविष्य की कमाई यानी टर्मिनल फ्री कैश फ्लो (FCF) पर टिकी है। एक महीने पहले तक निवेशक भविष्य में 6-7 पर्सेंट की ग्रोथ मानकर चल रहे थे, जो अब घटकर 4-6 पर्सेंट पर आ गई है। यूबीएस का मानना है कि आईटी कंपनियों के लिए अब अपने बिजनेस मॉडल को बदलना बहुत जरूरी हो गया है। दूसरी तरफ सिटी ग्रुप के एनालिस्ट्स का कहना है कि एआई के डर और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) द्वारा अपनी पोजीशन कम करने से आईटी शेयरों के वैल्युएशन पर दबाव बना रह सकता है। सिटी फिलहाल आईटी सेक्टर को लेकर सतर्क है क्योंकि उसे डर है कि मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों की कमाई के तरीके बदल सकते हैं। हालांकि सिटी को लार्ज कैप कंपनियों में इंफोसिस और एचसीएल टेक ज्यादा पसंद आ रहे हैं।

नोमुरा के तीन संभावित रास्ते

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने भविष्य को लेकर तीन तरह के हालात यानी सिनेरियो बताए हैं। पहले सिनेरियो में अगर कंपनियां एआई के साथ तालमेल नहीं बिठा पाती हैं, तो उनका रेवेन्यू बढ़ना बंद हो सकता है और ग्रोथ सिर्फ 2-3 पर्सेंट रह सकती है। ऐसे में शेयरों की कीमत काफी गिर सकती है। दूसरे सिनेरियो में अगर कंपनियां सफलतापूर्वक डेटा और एआई आधारित सेवाओं को अपना लेती हैं, तो उनकी ग्रोथ फिर से पुराने लेवल पर लौट सकती है और शेयरों के भाव भी सुधर सकते हैं। तीसरे और सबसे अच्छे सिनेरियो में आईटी कंपनियां खुद एआई ऑर्केस्ट्रेटर बन सकती हैं। इसका मतलब है कि वे सिर्फ मेहनत आधारित सर्विस बेचने के बजाय नतीजों पर आधारित समाधान देंगी, जिससे उनकी कमाई और मुनाफे में बहुत बड़ी तेजी आ सकती है।

नोमुरा ने यह भी ध्यान दिलाया है कि आईटी शेयरों के वैल्युएशन में अब काफी बड़ी गिरावट आ चुकी है। फिलहाल ये शेयर पिछले 12 सालों के औसत भाव से नीचे कारोबार कर रहे हैं और अपने 5 साल के औसत के मुकाबले 12 से 39 पर्सेंट तक सस्ते मिल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि एआई भले ही एक चुनौती है, लेकिन भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह बदलाव का एक बड़ा मौका भी हो सकता है। बाजार अब इस बात पर नजर रखेगा कि ये कंपनियां एआई तकनीक को अपने कामकाज में कितनी जल्दी और कितने बेहतर तरीके से शामिल करती हैं। फिलहाल की तेजी यह दिखाती है कि निवेशकों को अभी भी इस सेक्टर की वापसी पर पूरा भरोसा है।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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