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  1. India-EU FTA: 'मदर ऑफ ऑल द डील्स' से बाजार में हलचल, टेक्सटाइल से फार्मा तक के शेयरों पर दिखेगा असर

मार्केट न्यूज़

India-EU FTA: 'मदर ऑफ ऑल द डील्स' से बाजार में हलचल, टेक्सटाइल से फार्मा तक के शेयरों पर दिखेगा असर

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड January 27, 2026, 14:20 IST

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सारांश

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से भारतीय शेयर बाजार के कई सेक्टर चमकने वाले हैं। टेक्सटाइल, फार्मा और केमिकल सेक्टर को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। टैरिफ घटने से भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और उनकी कमाई में जोरदार उछाल आने की उम्मीद है।

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भारत-ईयू डील के बाद टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने आज नई दिल्ली में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर व्यापारिक संबंधों में नया अध्याय शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताते हुए इसे दोनों लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट कहा है। इस समझौते के तहत 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर सीमा शुल्क (टैरिफ) को या तो खत्म कर दिया गया है या काफी कम कर दिया गया है, जिसका सीधा और बड़ा असर शेयर बाजार के चुनिंदा सेक्टर्स पर दिखने वाला है।

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टेक्सटाइल सेक्टर में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

इस डील का सबसे बड़ा फायदा भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर को मिलेगा, क्योंकि अब यूरोपीय बाजार में भारतीय कपड़ों की पहुंच सस्ती और आसान हो जाएगी। KPR मिल्स इस क्षेत्र में सबसे मजबूत खिलाड़ी है, क्योंकि इसका 58-60 प्रतिशत कारोबार यूरोपीय संघ से जुड़ा है। इसके अलावा पर्ल ग्लोबल (10-15% एक्सपोजर), वेल्सपन लिविंग और गोकलदास एक्सपोर्ट्स जैसे स्टॉक्स पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी। टैरिफ हटने से इन कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा और वैश्विक बाजार में इनकी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

फार्मा और केमिकल स्टॉक्स पर बड़ा फैसला

समझौते के तहत दवाओं (फार्मा) पर लगने वाले 11 प्रतिशत और रसायनों पर लगने वाले 22 प्रतिशत टैरिफ को हटा दिया गया है। इससे डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा और ल्यूपिन जैसी दिग्गज फार्मा कंपनियों को यूरोपीय बाजार में अपना विस्तार करने में मदद मिलेगी। वहीं, रसायनों पर ड्यूटी घटने से लागत कम होगी, जिसका सीधा लाभ SRF और आरती इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों के शेयरों को मिल सकता है।

मशीनरी और ऑटो सेक्टर में लागत होगी कम

यूरोपीय संघ से आने वाली मशीनरी पर अब तक 44 प्रतिशत का भारी टैक्स लगता था, जिसे अब लगभग खत्म कर दिया गया है। इससे उन भारतीय कंपनियों को फायदा होगा जो यूरोप से हाई-टेक मशीनरी आयात करती हैं। साथ ही, विमान और अंतरिक्ष यान (Aircraft and Spacecraft) से जुड़े उत्पादों पर टैक्स हटने से डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर्स के शेयरों में भी हलचल देखी जा सकती है। यूरोपीय संघ के अनुसार, इस कदम से सालाना करीब 4 अरब यूरो (36,000 करोड़ रुपये) की ड्यूटी की बचत होगी।

आर्थिक विकास और रोजगार का विजन

यूरोपीय आयोग का मानना है कि इस डील के जरिए 2032 तक भारत को होने वाला निर्यात दोगुना हो जाएगा। वर्तमान में भी इस व्यापार से यूरोप में 8 लाख नौकरियां जुड़ी हैं, जो अब और बढ़ेंगी। समझौते के तहत छात्रों और पेशेवरों के लिए 'मोबिलिटी' ढांचे में भी ढील दी गई है, जिससे सर्विस सेक्टर की कंपनियों को भी लंबी अवधि में फायदा होगा। यह समझौता वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ-साथ भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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