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  1. IDFC First Bank के शेयर में लगा 10% लोअर सर्किट, हरियाणा सरकार के खाते में हुई है ₹590 करोड़ की हेराफेरी

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IDFC First Bank के शेयर में लगा 10% लोअर सर्किट, हरियाणा सरकार के खाते में हुई है ₹590 करोड़ की हेराफेरी

Upstox

4 min read | अपडेटेड February 23, 2026, 09:19 IST

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सारांश

IDFC First बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक के कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार के विभाग के खातों में हेराफेरी की। बैंक ने तुरंत एक्शन लेते हुए 4 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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IDFC First Bank के शेयर पर अब रहेगी नजर

IDFC First बैंक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसका असर आज कंपनी के शेयर पर देखने को मिल रहा है। बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर में 10% का लोअर सर्किट लग गया है। बैंक की चंडीगढ़ स्थित एक ब्रांच में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला पकड़ा गया है। यह जानकारी खुद बैंक ने रविवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी। बैंक ने बताया कि यह धोखाधड़ी उसके ही कुछ कर्मचारियों ने मिलकर की है जिसमें हरियाणा सरकार के एक विभाग के पैसों के साथ बड़ी हेराफेरी की गई है।

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कैसे हुआ इस बड़े घोटाले का खुलासा?

इस पूरे मामले का पता तब चला जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना बैंक अकाउंट बंद करने और उसमें मौजूद पैसों को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने के लिए IDFC First बैंक से रिक्वेस्ट की। जब बैंक ने इस प्रोसेस को शुरू किया तो उसे अकाउंट में मौजूद बैलेंस और सरकारी विभाग द्वारा बताए गए बैलेंस के बीच एक बड़ा अंतर नजर आया। गहनता से जांच करने पर पता चला कि यह अंतर करीब 590 करोड़ रुपये का है। बैंक ने पाया कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर रिकॉर्ड में हेरफेर की थी ताकि इस फ्रॉड को अंजाम दिया जा सके और किसी को शक न हो।

जैसे ही इस बड़ी हेराफेरी की बात मैनेजमेंट के सामने आई बैंक ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाए हैं। बैंक ने इस मामले में संदेहास्पद पाए गए चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। बैंक का कहना है कि वह इन कर्मचारियों के खिलाफ न केवल सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा बल्कि इनके खिलाफ दीवानी और अपराधिक केस भी दर्ज कराए जाएंगे। इसके अलावा इस फ्रॉड में शामिल बाहरी लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाएगी। बैंक ने साफ कर दिया है कि वह धोखाधड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है।

बोर्ड और जांच एजेंसियों ने संभाली कमान

बैंक ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 फरवरी 2026 को अपनी बोर्ड कमेटी की एक स्पेशल मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में फ्रॉड के मामलों की निगरानी करने वाली स्पेशल कमेटी के सामने पूरी रिपोर्ट रखी गई। अब बैंक इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने के लिए एक बाहर की स्वतंत्र एजेंसी को नियुक्त करने की प्रोसेस में है जो पूरे मामले का फोरेंसिक ऑडिट करेगी। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी लिखित में शिकायत दे दी गई है और बैंक जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग दे रहा है। बैंक ने उन दूसरे बैंकों को भी रिकॉल रिक्वेस्ट भेजी है जहां इस धोखाधड़ी का पैसा ट्रांसफर होने का शक है ताकि वहां उन अकाउंट्स को फ्रीज किया जा सके।

अब कंपनी के शेयर पर रहेगी नजर

इस फ्रॉड की खबर आने से पहले शुक्रवार को IDFC First बैंक के शेयर करीब 0.72 पर्सेंट की मामूली बढ़त के साथ 83.56 रुपये पर बंद हुए थे। लेकिन अब इतनी बड़ी रकम के घोटाले की खबर आने के बाद सोमवार को मार्केट खुलने पर शेयरों के प्रदर्शन पर असर देखा जा सकता है। हालांकि बैंक अभी इस बात का सटीक आकलन कर रहा है कि इस फ्रॉड का उसके बिजनेस और रेवेन्यू पर कितना असर पड़ेगा। बैंक को उम्मीद है कि वह दूसरे बैंकों में मौजूद फंड्स को रिकवर करके और कानूनी प्रक्रिया के जरिए इस नुकसान की भरपाई कर पाएगा। फिलहाल बैंक का पूरा फोकस दोषियों को सजा दिलाने और रिकवरी प्रोसेस को तेज करने पर है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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