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  1. गोल्ड और सिल्वर ETF पर दिखा फेड के फैसलों का असर, क्या अब सोने-चांदी से मोह भंग कर रहे हैं निवेशक?

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गोल्ड और सिल्वर ETF पर दिखा फेड के फैसलों का असर, क्या अब सोने-चांदी से मोह भंग कर रहे हैं निवेशक?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड March 19, 2026, 15:59 IST

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सारांश

चांदी के ईटीएफ में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई है, जहां कोटक सिल्वर ईटीएफ 7.96 पर्सेंट तक टूट गया। सोने के ईटीएफ भी इस गिरावट से अछूते नहीं रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में आई कमी और कच्चे तेल के 111 डॉलर के पार जाने से निवेशकों ने अपना रुख बदला है।

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सोने और चांदी के ईटीएफ में आई भारी गिरावट से निवेशकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल।

शेयर बाजार में आज सोने और चांदी के निवेशकों के लिए दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। आज 3:10 बजे के आसपास गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ में तेज गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है, क्योंकि आमतौर पर युद्ध और अनिश्चितता के माहौल में इन एसेट्स को सुरक्षित माना जाता है। लेकिन आज स्थिति इसके उलट नजर आई। NSE पर मौजूद 3:10 बजे तक के डेटा के मुताबिक, यह गिरावट 8 पर्सेंट तक पहुंच गई है। जानकारों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ताजा फैसले और मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच निवेशकों ने इन फंडों में जमकर मुनाफावसूली की है।

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सिल्वर ईटीएफ में मची तबाही

आज के कारोबार में चांदी से जुड़े ईटीएफ में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। चांदी की चमक आज बाजार में काफी फीकी नजर आई। दोपहर 3:12 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, कोटक सिल्वर ईटीएफ के भाव में सबसे ज्यादा 7.96 पर्सेंट की बड़ी गिरावट आई है। इसके अलावा निपॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ भी 7.57 पर्सेंट तक नीचे गिर गया। अन्य फंडों की बात करें तो एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ में 7.60 पर्सेंट और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ में 7.40 पर्सेंट की कमजोरी देखी गई। एसबीआई सिल्वर ईटीएफ 7.48 पर्सेंट और टाटा सिल्वर ईटीएफ 7.44 पर्सेंट नीचे रहे। यह गिरावट बताती है कि निवेशक फिलहाल चांदी से दूरी बना रहे हैं।

गोल्ड ईटीएफ का भी रहा बुरा हाल

चांदी के साथ-साथ सोने के ईटीएफ भी आज गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं। दोपहर 3:13 बजे तक के डेटा के अनुसार, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ में 5.24 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एसबीआई गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड स्कीम भी 5.19 पर्सेंट तक नीचे फिसल गई। निपॉन इंडिया ईटीएफ गोल्ड बीस 5.09 पर्सेंट और ग्रोव गोल्ड ईटीएफ 5.10 पर्सेंट की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे। एचडीएफसी और एंजल वन गोल्ड ईटीएफ में भी 4.9 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। केवल टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में 2.40 पर्सेंट की अपेक्षाकृत कम गिरावट देखी गई है।

MCX पर कीमतों में गिरावट का असर

ईटीएफ में आई इस गिरावट का सीधा संबंध कमोडिटी बाजार की कीमतों से है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर चांदी का मई कॉन्ट्रैक्ट करीब 2 पर्सेंट गिरकर 2,43,977 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। वहीं सोने का अप्रैल फ्यूचर भी 1 पर्सेंट की कमजोरी के साथ 1,51,921 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में आई इस कमी ने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को भी कमजोर कर दिया है। ईटीएफ सीधे तौर पर इन धातुओं की कीमतों को ट्रैक करते हैं, इसलिए वहां भी वैसी ही गिरावट नजर आ रही है।

फेडरल रिजर्व का फैसला बना ट्रिगर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी मार्च की बैठक में ब्याज दरों को 3.5 पर्सेंट से 3.75 पर्सेंट के दायरे में स्थिर रखा है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया है कि महंगाई पर काबू पाने की प्रक्रिया अभी धीमी हो सकती है। उन्होंने तेल की ऊंची कीमतों को लेकर भी चिंता जताई है और कहा है कि इससे खर्च और रोजगार पर दबाव बढ़ सकता है। फेडरल रिजर्व के इस रुख के बाद डॉलर में मजबूती आई है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अक्सर इन कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखी जाती है।

युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों का दबाव

मिडिल ईस्ट में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की ओर से कतर में एनर्जी फैसिलिटीज पर किए गए हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड का भाव 3.44 पर्सेंट बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की पुष्टि की है और ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। इस युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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