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  1. Gaudium IVF का IPO 20 फरवरी को खुलने के लिए तैयार, लेकिन पहले समझ लें कंपनी की ताकत और रिस्क फैक्टर्स

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Gaudium IVF का IPO 20 फरवरी को खुलने के लिए तैयार, लेकिन पहले समझ लें कंपनी की ताकत और रिस्क फैक्टर्स

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 19, 2026, 14:57 IST

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सारांश

Gaudium IVF IPO: फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। इसके तहत ₹50 करोड़ से देशभर में 19 नए IVF सेंटर खोले जाएंगे। वहीं ₹20 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम जनरल कॉरपोरेट जरूरतों में खर्च होगी।

Gaudium IVF IPO

Gaudium IVF IPO: यह आईपीओ 20 फरवरी से 24 फरवरी तक खुला रहेगा।

Gaudium IVF and Women Health IPO: फर्टिलिटी सर्विस देने वाली कंपनी Gaudium IVF and Women Health का IPO आने वाला है। यह आईपीओ 20 फरवरी से 24 फरवरी तक खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए ₹75 से ₹79 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ कुल ₹165 करोड़ का है। इसमें ₹90 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹75 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। प्रमोटर Dr Manika Khanna अपनी हिस्सेदारी कम कर रही हैं।
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कहां होगा IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। इसके तहत ₹50 करोड़ से देशभर में 19 नए IVF सेंटर खोले जाएंगे। वहीं ₹20 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम जनरल कॉरपोरेट जरूरतों में खर्च होगी।

Gaudium IVF की ताकत

  • Gaudium IVF मरीजों को केंद्र में रखकर काम करती है। कंपनी मरीजों की पैरेंटहुड जर्नी में मदद के लिए काउंसलर उपलब्ध कराती है, जो उन्हें भावनात्मक सपोर्ट और सही मार्गदर्शन देते हैं। IVF इलाज के दौरान पारदर्शिता, गोपनीयता और लगातार सहयोग कंपनी की खास पहचान है।
  • कंपनी के पास अनुभवी डॉक्टरों, एम्ब्रियोलॉजिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट की टीम है, जिसका नेतृत्व डॉ. मानिका खन्ना कर रही हैं। यह टीम IVF से जुड़े जटिल मामलों में विशेषज्ञ सेवाएं देती है।
  • देशभर में 30 से ज्यादा लोकेशन के साथ कंपनी ने खुद को फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के एक भरोसेमंद नाम के तौर पर स्थापित किया है।
  • Gaudium IVF इलाज के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। इसमें INTEGRA Ti जैसी नेक्स्ट-जेनरेशन लैब्स के जरिए ICSI प्रोसीजर, अंडों की गुणवत्ता जांचने की आधुनिक मशीनें, सटीक मॉनिटरिंग के लिए Samsung अल्ट्रासाउंड मशीनें और पूरी तरह स्टेराइल एडवांस्ड ऑपरेशन थिएटर शामिल हैं।
  • कंपनी एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है, जिसमें मजबूत SOPs और इंटरनल कंट्रोल्स हैं। इससे किसी एक डॉक्टर पर निर्भरता कम होती है और पूरे नेटवर्क में एक जैसी, स्केलेबल और क्वालिटी हेल्थकेयर सेवा दी जा सकती है।

IPO से जुड़े रिस्क फैक्टर्स

  • Gaudium IVF स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कंपनी है और IUI, IVF, एग फ्रीजिंग, ICSI, लेजर-असिस्टेड एम्ब्रायो इम्प्लांटेशन जैसी सेवाएं देती है। ऐसे में मेडिकल, ऑपरेशनल और कानूनी जोखिम बने रहते हैं। अगर कंपनी गुणवत्तापूर्ण इलाज देने में असफल रहती है तो इसका सीधा असर उसके बिजनेस और वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।
  • कंपनी का बिजनेस काफी हद तक डॉक्टरों, नर्सों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स पर निर्भर है। अगर भविष्य में ऐसे प्रोफेशनल्स को आकर्षित करने या बनाए रखने में दिक्कत आती है तो कारोबार प्रभावित हो सकता है।
  • कंपनी ने कुछ रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन किए हैं और आगे भी कर सकती है, जिनमें हितों के टकराव (conflict of interest) की आशंका हो सकती है।
  • Gaudium IVF सीमित संख्या में एम्ब्रियोलॉजिस्ट पर निर्भर है। ऐसे विशेषज्ञों की कमी या उनके चले जाने से कंपनी के बिजनेस और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
  • कंपनी का बिजनेस उसके ब्रांड और साख पर टिका है। अगर ब्रांड इमेज को बनाए रखने या मजबूत करने में नाकामी रहती है तो इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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