मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 10:15 IST
सारांश
आईपीओ बाजार में आज फ्रैक्टल एनालिटिक्स और आये फाइनेंस के पब्लिक इश्यू का दूसरा दिन है। पहले दिन के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा निवेशकों ने इसमें थोड़ी रुचि दिखाई है लेकिन बड़े संस्थागत निवेशक अभी शांत हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं, इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल क्या है, ये बाजार से कितना पैसा जुटाना चाहती हैं और उस पैसे का इस्तेमाल कहां किया जाएगा।

शेयर बाजार में अभी दो आईपीओ में पैसा लगाने का मौका है।
भारतीय शेयर बाजार में इस समय दो महत्वपूर्ण कंपनियों के IPO खुले हुए हैं। आज यानी 10 फरवरी 2026 को फ्रैक्टल एनालिटिक्स और आये फाइनेंस के आईपीओ का दूसरा दिन है। ये दोनों ही आईपीओ 9 फरवरी को खुले थे और निवेशकों के पास कल यानी 11 फरवरी तक इनमें पैसा लगाने का मौका है। पहले दिन की बात करें तो बाजार में इन दोनों ही कंपनियों को लेकर निवेशकों का रुख काफी ठंडा या कहें कि बेहद सावधानी भरा नजर आया है। हालांकि आज दूसरे दिन उम्मीद की जा रही है कि निवेश के आंकड़ों में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के सेक्टर में काम करने वाली फ्रैक्टल एनालिटिक्स भारत की पहली शुद्ध एंटरप्राइज एआई कंपनी के रूप में बाजार में उतरी है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए लगभग 2,834 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें 1,023.5 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि बाकी हिस्सा ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचा जा रहा है। पहले दिन शाम तक यह आईपीओ कुल 0.03 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया था। खुदरा निवेशकों के हिस्से में 0.11 गुना और गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से में 0.02 गुना सब्सक्रिप्शन देखा गया, जबकि बड़े संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाई है।
कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 900 रुपये का ऊपरी प्राइस बैंड तय किया है। आज सुबह के अपडेट के अनुसार, ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम यानी जीएमपी मात्र 8 रुपये चल रहा है। इस हिसाब से इसकी लिस्टिंग 908 रुपये के आसपास होने का अनुमान है, जो निवेश पर करीब 0.89 प्रतिशत का मामूली फायदा दिखा रहा है। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल अपनी अमेरिकी सहायक कंपनी का कर्ज चुकाने, कर्मचारियों के लिए नए लैपटॉप खरीदने और भारत में नए ऑफिस बनाने के लिए करेगी। इसके अलावा कंपनी रिसर्च और विकास के कार्यों पर भी बड़ा निवेश करने की योजना बना रही है।
दूसरी तरफ आये फाइनेंस एक ऐसी कंपनी है जो छोटे कारोबारियों यानी एमएसएमई सेक्टर को लोन देने का काम करती है। यह कंपनी आईपीओ के जरिए 1,010 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश कर रही है। इसमें 710 करोड़ रुपये के नए शेयर और 300 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। पहले दिन यह आईपीओ फ्रैक्टल के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा और 0.13 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में इसे 0.28 गुना और संस्थागत कैटेगरी में 0.14 गुना सब्सक्राइब किया गया है। कंपनी का लक्ष्य इस पैसे से अपना कैपिटल बेस बढ़ाना है ताकि वह भविष्य में और अधिक लोन बांट सके और अपने बिजनेस का विस्तार कर सके।
बता दें कि आये फाइनेंस का प्राइस बैंड 129 रुपये है और ताज्जुब की बात यह है कि ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम फिलहाल शून्य है। इसका मतलब है कि बाजार अभी इसके लिस्टिंग गेन को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं है। दोनों ही कंपनियों के आईपीओ का आज दूसरा दिन बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि दूसरे और तीसरे दिन निवेश की रफ्तार तेज होती है। जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, वे इन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं को देखकर ही अपना फैसला ले रहे हैं।
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