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  1. Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ पर सस्पेंस बरकरार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टाला फैसला, क्या है इसके मायने

मार्केट न्यूज़

Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ पर सस्पेंस बरकरार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टाला फैसला, क्या है इसके मायने

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 10, 2026, 10:03 IST

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सारांश

Stock Market में पिछले लगातार 5 कारोबारी दिनों से गिरावट जारी है। इस दौरान Sensex में 2.55 फीसदी या 2185 अंकों कमजोरी आ चुकी है। इसके अलावा Nifty 50 भी इस अवधि के दौरान 645 अंक या 2.45 फीसदी टूट चुका है। यह पिछले 3 महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है।

Trump Tariffs

Trump Tariffs: भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते बिकवाली का जबरदस्त दबाव दिखा।

Trump Tariffs: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ पर कोई फैसला नहीं सुनाया। इस मामले पर पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर थी, क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल ट्रेड और शेयर बाजारों पर पड़ता है। भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते बिकवाली का जबरदस्त दबाव दिखा, जिसकी एक बड़ी वजह है निवेशकों में अमेरिकी टैरिफ को लेकर चिंताएं हैं। कोर्ट ने साफ किया कि अगला फैसला 14 जनवरी को आने वाले फैसलों के दौर में हो सकता है। फिलहाल फैसले के टलने से अनिश्चितता और बढ़ गई है।
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क्या है पूरा मामला?

डोनाल्ड ट्रंप ने 1977 के इमरजेंसी कानून का इस्तेमाल करके कई देशों से आने वाले सामान पर 10 से 50 प्रतिशत तक टैक्स (टैरिफ) लगाया था। इसमें भारत भी शामिल है। निचली अदालतों का कहना था कि ट्रंप ने अपने अधिकार से ज्यादा कदम उठाया, लेकिन अब इस पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना है। शुक्रवार को कोर्ट ने इस पर कोई राय नहीं दी।

पिछले 3 महीनों में सबसे खराब हफ्ता

अमेरिका में फैसले में देरी का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। शेयर बाजार में पिछले लगातार पांच कारोबारी दिनों से गिरावट जारी है। इस दौरान Sensex में 2.55 फीसदी या 2185 अंकों कमजोरी आ चुकी है। इसके अलावा Nifty 50 भी इस अवधि के दौरान 645 अंक या 2.45 फीसदी टूट चुका है। यह पिछले 3 महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। इस दौरान निवेशकों की संपत्ति लगभग 15 लाख करोड़ रुपये घट गई है।

इन सेक्टर्स पर ज्यादा असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टरों पर पड़ रहा है। ट्रंप ने भारत से आने वाले कुछ सामानों पर टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया था, खासकर रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताते हुए। ऐसे में आईटी, मेटल और दूसरे निर्यात आधारित कारोबार पर दबाव बना हुआ है।

सुप्रीम कोर्ट टैरिफ को गलत ठहरा दे, तो भी राहत की संभावना कम

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट भविष्य में टैरिफ को गलत भी ठहरा दे, तब भी अनिश्चितता तुरंत खत्म नहीं होगी। अमेरिकी सरकार किसी दूसरे कानून या नीति के जरिए दबाव बनाए रखने की कोशिश कर सकती है। इसलिए असली राहत अदालत के फैसले से ज्यादा भारत-अमेरिका के बीच किसी ट्रेड डील या बातचीत से आने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक टैरिफ पर कोई साफ फैसला या भारत-अमेरिका के बीच ठोस समझौता नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव और कमजोरी बनी रह सकती है।

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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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