मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 17, 2026, 10:03 IST
सारांश
रक्षा मंत्रालय से कोचीन शिपयार्ड को मिले 5,000 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर ने पूरे डिफेंस सेक्टर में जान फूंक दी है। इस खबर के बाद न केवल कोचीन शिपयार्ड, बल्कि एचएएल, बीईएल और एमटीएआर टेक जैसे शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखी जा रही है। निवेशकों का भरोसा इस सेक्टर पर फिर से लौटता दिख रहा है।
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भारतीय शेयर बाजार में आज डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी का माहौल है।
मंगलवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए एक नई ऊर्जा लेकर आई है। पिछले कुछ समय से सुस्ती और गिरावट झेल रहे डिफेंस सेक्टर के शेयरों में आज अचानक से जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। इस तेजी की शुरुआत कोचीन शिपयार्ड को मिले एक मेगा ऑर्डर से हुई, जिसने पूरे सेक्टर के सेंटिमेंट को बदल कर रख दिया है। जैसे ही यह खबर आई कि कोचीन शिपयार्ड को रक्षा मंत्रालय से भारतीय नौसेना के लिए पांच सर्वे वेसल्स बनाने का ₹5,000 करोड़ का काम मिला है, पूरे डिफेंस पैक में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
कोचीन शिपयार्ड का शेयर सुबह के कारोबार में ही करीब 5.83 पर्सेंट की बढ़त के साथ 1,555.10 रुपये के लेवल पर पहुंच गया। इस एक शेयर की तेजी ने पूरे डिफेंस सेक्टर को अपने साथ ऊपर खींच लिया है। NSE के आंकड़ों पर नजर डालें तो यूनिमेक (UNIMECH) के शेयरों में 3.14 पर्सेंट की बढ़त देखी जा रही है। वहीं एमटीएआर टेक (MTARTECH) का शेयर 2.36 पर्सेंट और पारस डिफेंस (PARAS) 2.16 पर्सेंट ऊपर कारोबार कर रहे हैं। दिग्गज सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स यानी बीईएल (BEL) के शेयर में भी 1.26 पर्सेंट की मजबूती आई है। इसके अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल (HAL) का शेयर भी करीब 1 पर्सेंट की तेजी के साथ 4,266 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है।
सिर्फ बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी डिफेंस कंपनियों में भी आज जबरदस्त एक्शन दिख रहा है। मिडहानी (MIDHANI) के शेयरों में 1.76 पर्सेंट, जेनटेक (ZENTEC) में 1.56 पर्सेंट और एस्ट्रा माइक्रो (ASTRAMICRO) में 1.39 पर्सेंट का उछाल आया है। वहीं जीआरएसई (GRSE) के शेयर 1.24 पर्सेंट और बीईएमएल (BEML) 1.10 पर्सेंट ऊपर चढ़े हैं। सोलर इंडस्ट्रीज और डायनामाटेक जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 1 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कोचीन शिपयार्ड का यह ऑर्डर एक उत्प्रेरक यानी कैटलिस्ट की तरह काम कर रहा है, जिसने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया है कि डिफेंस सेक्टर का रेवेन्यू और ऑपरेशन आने वाले समय में काफी मजबूत रहने वाला है।
डिफेंस सेक्टर में इस तेजी के पीछे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान का बड़ा हाथ है। सरकार लगातार रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दे रही है और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम कर रही है। कोचीन शिपयार्ड को मिला यह ₹5,000 करोड़ का काम इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। कोचीन शिपयार्ड के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक साल में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को करीब 27 पर्सेंट का बढ़िया रिटर्न दिया है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि पिछले छह महीने से यह शेयर लाल निशान में था और सुस्ती दिखा रहा था। लेकिन आज मिली इस कामयाबी ने निवेशकों के मन से पुराने डर को निकाल दिया है और उन्हें एक बार फिर से इस सेक्टर में नेट प्रॉफिट की उम्मीद दिखने लगी है।
डिफेंस स्टॉक्स में आई यह हरियाली दिखाती है कि बाजार को अभी भी इस सेक्टर से काफी उम्मीदें हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिफेंस कंपनियों की ऑर्डर बुक पहले से ही काफी मजबूत है और अब नए ऑर्डर्स मिलने से उनकी भविष्य की कमाई और भी बढ़ेगी।
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