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  1. Defence stocks में 6% तक की शानदार रैली, Emmanuel Macron के इस बयान से चढ़े Data Patterns समेत कई शेयर

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Defence stocks में 6% तक की शानदार रैली, Emmanuel Macron के इस बयान से चढ़े Data Patterns समेत कई शेयर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 20, 2026, 13:44 IST

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सारांश

Emmanuel Macron के बयान का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा। इसके चलते Nifty India Defence करीब 1.3% से ज्यादा चढ़ गया। सेक्टर के ज्यादातर शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। निवेशकों ने मान लिया कि आने वाले समय में डिफेंस ऑर्डर और मैन्युफैक्चरिंग भारत में बढ़ सकती है।

शेयर सूची

Defence stocks

Emmanuel Macron ने कहा कि भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।

Defence stocks: आज 20 फरवरी को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। दरअसल, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डिफेंस स्टॉक्स पर बढ़ गया है। Macron ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर राफेल फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर बनाएंगे। इस खबर के बाद डिफेंस से जुड़ी कई भारतीय कंपनियों के शेयर 5.5% से 6% तक चढ़ गए।
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Nifty India Defence में उछाल

Emmanuel Macron के बयान का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा। इसके चलते Nifty India Defence करीब 1.3% से ज्यादा चढ़ गया। सेक्टर के ज्यादातर शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। निवेशकों ने मान लिया कि आने वाले समय में डिफेंस ऑर्डर और मैन्युफैक्चरिंग भारत में बढ़ सकती है।

Data Patterns और BDL सबसे आगे

सबसे ज्यादा फायदा Data Patterns (India) को हुआ, जिसके शेयर 6% से ज्यादा चढ़े। यह शेयर Nifty 500 के टॉप गेनर्स में शामिल रहा और Nifty India Defence की तेजी में इसका बड़ा योगदान रहा। वहीं Bharat Dynamics के शेयर करीब 3% चढ़े।

इसके अलावा Paras Defence के शेयर करीब 2.5% और Bharat Electronics के शेयर लगभग 2% उछल गए। Bharat Electronics, Nifty के टॉप पांच गेनर्स में शामिल रहा। वहीं Hindustan Aeronautics और Garden Reach Shipbuilders & Engineers के शेयर भी करीब 1.5% ऊपर बंद हुए।

भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी का नया दौर

Emmanuel Macron ने कहा कि भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश मिलकर न सिर्फ राफेल फाइटर जेट बल्कि हेलिकॉप्टरों का भी संयुक्त उत्पादन करेंगे। इसके साथ ही फ्रांस की नजर भारत को और ज्यादा पनडुब्बियां बेचने पर भी है।

मैक्रों ने बताया कि भारत द्वारा 114 नए राफेल जेट खरीदने की योजना दोनों देशों के रक्षा संबंधों में एक “नया कदम” है। उन्होंने कहा कि भारत ने कुछ दिन पहले ही साफ किया है कि वह 114 राफेल जेट्स का ऑर्डर देने और भारत में ही उनका सह-उत्पादन (co-production) चाहता है। फ्रांस को उम्मीद है कि ऐसा ही मॉडल पनडुब्बियों के मामले में भी अपनाया जाएगा।

सरकार की मंजूरी और अब तक की खरीद

पिछले हफ्ते रक्षा मंत्रालय की Defence Acquisition Council ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 और राफेल जेट खरीदने को शुरुआती मंजूरी दी है। इससे पहले भारत ने वायुसेना के लिए 36 राफेल जेट खरीदे थे और नौसेना के लिए इनके 26 मरीन वर्जन का ऑर्डर दिया जा चुका है।

राफेल डील की पूरी जानकारी, जैसे सह-उत्पादन का ढांचा और शर्तें, अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। ये तकनीकी और व्यावसायिक बातचीत के बाद तय होंगी। हालांकि भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 114 राफेल जेट्स की अनुमानित लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ हो सकती है।

पनडुब्बी और हेलिकॉप्टर प्रोजेक्ट भी अहम

मैक्रों ने कहा कि राफेल फ्रांस के लिए बेहद अहम प्रोजेक्ट है और वह चाहता है कि पनडुब्बियों में भी ऐसा ही सहयोग हो। भारतीय नौसेना पहले से ही फ्रांस की Scorpene क्लास की छह पनडुब्बियां इस्तेमाल कर रही है और आगे और ऑर्डर की चर्चा है।

इसके अलावा, मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारत में H125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन शुरू करने की घोषणा की है, जो Airbus और Tata Advanced Systems के जॉइंट वेंचर से बनेगी। साथ ही HAMMER मिसाइल को भारत में ही बनाने की योजना है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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