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ONGC का शेयर उछला, लेकिन IOC, HPCL और BPCL लुढ़के, क्रूड ऑयल में तेजी का असर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 20, 2026, 11:19 IST

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सारांश

Crude Oil: अपस्ट्रीम कंपनियों यानी कच्चा तेल निकालने वाली कंपनियों को तेल की कीमत बढ़ने से फायदा होता है। इसके चलते आज Oil India और ONGC के शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ डाउनस्ट्रीम कंपनियों के लिए ऊंची तेल कीमतें परेशानी बन सकती हैं।

शेयर सूची

Crude Oil

Crude Oil: बुधवार को भी तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी।

Crude sensitive stocks: तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण कच्चे तेल से जुड़े शेयर शुक्रवार, 20 फरवरी को फोकस में रहने वाले हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से सप्लाई रुकने का डर पैदा हुआ है। इसके चलते तेल की कीमतें करीब 2% बढ़कर 6 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 1.8% बढ़कर $71.58 प्रति बैरल और WTI क्रूड 2.1% चढ़कर $66.53 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
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इससे पहले बुधवार को भी तेल की कीमतों में 4% से ज्यादा की तेजी देखी गई थी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो तेल में और तेजी आ सकती है।

Oil India, ONGC को फायदा

अपस्ट्रीम कंपनियों यानी कच्चा तेल निकालने वाली कंपनियों को तेल की कीमत बढ़ने से फायदा होता है। इसके चलते आज Oil India और ONGC के शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। ONGC के शेयरों में 1.47 फीसदी की तेजी नजर आई और यह स्टॉक NSE पर 278.70 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा था। इसके अलावा Oil India के शेयरों में फ्लैट ट्रेडिंग हो रही है। तेल की कीमतें बढ़ने से इन कंपनियों की कमाई और मुनाफा सीधे तौर पर बढ़ता है।

IOC, BPCL और HPCL के शेयर टूटे

वहीं दूसरी तरफ डाउनस्ट्रीम कंपनियों के लिए ऊंची तेल कीमतें परेशानी बन सकती हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के शेयरों में 0.72 फीसदी की गिरावट है। इसके अलावा BPCL और HPCL के शेयर भी 1 परसेंट से ज्यादा टूट गए हैं। तेल की कीमत बढ़ने से IOC, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। अगर सरकार तुरंत पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने की अनुमति नहीं देती, तो इनके रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव आता है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के बीच निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में आज बढ़त नजर आ रही है और यह 0.39 फीसदी उछल गया है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय इंडेक्स के 15 में से 9 शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

क्या है तेल की कीमतों में उछाल की वजह?

तेल की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन है। दोनों देशों के बीच तनाव अभी अपने चरम पर है। इस बीच ईरान ने रूस के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की योजना बनाई है। इससे पहले ऐसे सैन्य अभ्यास हुए थे, जिनकी वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य अस्थायी रूप से बंद हो गया था। यह इलाका बेहद अहम है क्योंकि दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।

लिपो ऑयल एसोसिएट्स के प्रेसिडेंट एंड्रयू लिपो ने कहा, "तेल की कीमतों को जियोपॉलिटिकल टेंशन और इस चिंता से सपोर्ट मिल रहा है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला कर सकता है।"

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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