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सेंट्रल माइन प्लानिंग IPO में पैसा लगाने से पहले देख लें कंपनी का बिजनेस, कोल इंडिया से है कनेक्शन

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड March 20, 2026, 13:40 IST

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सारांश

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करना पसंद करते हैं, तो सेंट्रल माइन प्लानिंग का IPO आपकी नजर में होना चाहिए। इस IPO से निवेशकों को करीब 2.47 पर्सेंट के लिस्टिंग गेन की उम्मीद है। यह कंपनी कोल इंडिया की एक अहम यूनिट है।

CMPDI is engaged in providing | Image: Shutterstock

माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग के IPO पर लगी निवेशकों की नजर।

सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट के IPO ने इन दिनों शेयर बाजार के गलियारों में हलचल मचा दी है। माइनिंग और प्लानिंग सेक्टर की इस कंपनी का आईपीओ आज से खुल गया है। यह कंपनी सीधे तौर पर देश के माइनिंग सेक्टर को नई दिशा देने का काम करती है। अभी तक ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, वे काफी हद तक निवेशकों के लिए राहत भरे कहे जा सकते हैं।

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IPO की कीमत?

सेंट्रल माइन प्लानिंग IPO के लिए 172 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। 20 मार्च 2026 की सुबह तक के आंकड़ों के मुताबिक, इसका GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम 4.25 रुपये पर बना हुआ है। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में इस शेयर को लेकर पॉजिटिव माहौल है। अगर यही स्थिति बनी रहती है, तो इस शेयर की लिस्टिंग 176.25 रुपये पर हो सकती है। प्रतिशत के हिसाब से देखें तो निवेशकों को हर शेयर पर लगभग 2.47 पर्सेंट का फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार की चाल को देखते हुए यह आंकड़े लिस्टिंग के दिन तक थोड़े बदल भी सकते हैं।

क्या काम करती है सेंट्रल माइन प्लानिंग कंपनी

इस कंपनी के बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह मुख्य रूप से माइनिंग सेक्टर में कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग का काम करती है। यह कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की एक अहम सब्सिडियरी कंपनी है। इसका मुख्य काम कोयला और अन्य मिनरल्स की खोज करना और खदानों की प्लानिंग तैयार करना है। जब भी किसी नई खदान को शुरू करना होता है या पुरानी खदान का विस्तार करना होता है, तो यह कंपनी उसकी डिजाइन और पूरी रूपरेखा तैयार करती है। माइनिंग के ऑपरेशन में तकनीक का इस्तेमाल कैसे बेहतर हो, इसमें इस कंपनी को महारत हासिल है।

कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस क्या कहता है?

कंपनी की कमाई यानी रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा कोल इंडिया और उसकी अन्य यूनिट्स से आता है। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों को देखें तो कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू लगातार स्थिर बना हुआ है। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी निवेशकों को भरोसा दिला रहा है। माइनिंग सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ की वजह से इसका एबिटा यानी EBITDA भी काफी अच्छा रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बेहतर होने की वजह से ही निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई है। कंपनी अपने खर्चों को कंट्रोल में रखते हुए मुनाफे को बढ़ाने पर लगातार ध्यान दे रही है।

आईपीओ से मिले पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?

किसी भी कंपनी के लिए IPO से जुटाया गया पैसा उसके फ्यूचर को तय करता है। सेंट्रल माइन प्लानिंग इस IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी उत्पादन क्षमता और नई तकनीकों को खरीदने में करेगी। कंपनी चाहती है कि वह माइनिंग के क्षेत्र में नए और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करे ताकि ऑपरेशन की लागत कम हो सके। इसके अलावा कुछ पैसा जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी रखा जाएगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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