return to news
  1. Budget 2026: Futures & Options पर बढ़ा टैक्स, 1 लॉट पर इतने रुपये का पड़ेगा बोझ, समझें कैलकुलेशन

मार्केट न्यूज़

Budget 2026: Futures & Options पर बढ़ा टैक्स, 1 लॉट पर इतने रुपये का पड़ेगा बोझ, समझें कैलकुलेशन

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 01, 2026, 12:53 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में डेरिवेटिव मार्केट पर टैक्स बढ़ा दिया है। फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। इस फैसले से ट्रेडर्स की ट्रांजैक्शन लागत बढ़ जाएगी और उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।

stt-hike-futures-options

अब निफ्टी के एक लॉट पर ट्रेडर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स चुकाना होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026 पेश करते हुए शेयर बाजार के ट्रेडर्स को एक बड़ा झटका दिया है। सरकार ने डेरिवेटिव मार्केट यानी फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार में बढ़ती सट्टेबाजी को नियंत्रित करना और रिटेल निवेशकों को जोखिम भरे ट्रेड से बचाना है। पिछले कुछ समय से डेरिवेटिव मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत तेजी से बढ़ा है, जिसे देखते हुए सरकार ने टैक्स के जरिए इसे रेगुलेट करने की कोशिश की है। इस बदलाव के लागू होने के बाद एक्टिव ट्रेडर्स की ट्रांजैक्शन कॉस्ट काफी बढ़ जाएगी।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्यों लिया गया ये फैसला?

सरकार का मानना है कि डेरिवेटिव मार्केट में हो रही अत्यधिक ट्रेडिंग से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में संकेत दिया कि सट्टेबाजी को कम करने और बाजार को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एसटीटी में यह बढ़ोतरी जरूरी थी। हालांकि इस फैसले से उन ट्रेडर्स को बड़ा नुकसान होगा जो बहुत ही कम मार्जिन पर काम करते हैं और दिन भर में कई ट्रेड लेते हैं। अब उन्हें हर सौदे पर पहले के मुकाबले काफी ज्यादा टैक्स चुकाना होगा, जिससे उनके शुद्ध मुनाफे में कमी आएगी।

फ्यूचर्स ट्रेडिंग में कितना बढ़ेगा आपका खर्च?

अगर हम फ्यूचर्स ट्रेडिंग की बात करें तो टैक्स के बोझ को समझना बहुत आसान है। मान लीजिए कि निफ्टी फ्यूचर के एक लॉट की वैल्यू 2,00,000 रुपये है। पहले के नियम के अनुसार आपको इस पर 0.02% की दर से केवल 40 रुपये का सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स देना पड़ता था। अब नए बजट प्रस्ताव के बाद इस टैक्स को बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब उसी 2,00,000 रुपये के लॉट पर आपको 100 रुपये का टैक्स देना होगा। सीधे तौर पर देखा जाए तो फ्यूचर्स के हर एक लॉट पर अब आपको 60 रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। यह बढ़ोतरी उन लोगों के लिए बहुत बड़ी है जो बड़ी मात्रा में लॉट्स में काम करते हैं।

ऑप्शंस ट्रेडिंग पर भी पड़ेगा असर

ऑप्शंस ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए भी लागत बढ़ गई है। ऑप्शंस में एसटीटी प्रीमियम की वैल्यू पर लगता है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आपने निफ्टी ऑप्शन का एक लॉट खरीदा है जिसकी प्रीमियम वैल्यू 10,000 रुपये है। पुराने नियमों के तहत आपको इस 10,000 रुपये पर 0.1% के हिसाब से 10 रुपये का STT देना होता था। अब वित्त मंत्री ने इसे बढ़ाकर 0.15% कर दिया है। अब आपको इसी 10,000 रुपये के प्रीमियम पर 15 रुपये का टैक्स चुकाना होगा। यानी ऑप्शंस के हर लॉट पर अब आपकी लागत 5 रुपये बढ़ जाएगी। हालांकि यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन जो ट्रेडर्स दिन भर में सैकड़ों सौदे करते हैं, उनके लिए यह एक बड़ा बोझ बन जाएगा।

टैक्स में इस बढ़ोतरी के बाद अब ट्रेडर्स को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। जो स्कैल्पर्स बहुत छोटे पॉइंट के लिए ट्रेड करते थे, उनके लिए अब ब्रेक-ईवन तक पहुंचना और भी कठिन हो जाएगा क्योंकि सरकारी टैक्स और चार्जेस ही मुनाफे का बड़ा हिस्सा खा जाएंगे। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अगर ट्रेडर ट्रेड कम प्लेस करेंगे तो इसका असर मार्केट में लिक्विडिटी पर भी थोड़ा पड़ सकता है। हालांकि अच्छी बात ये है कि इससे सट्टेबाजी वाले सौदे कम होंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख