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4 min read | अपडेटेड February 10, 2026, 15:56 IST
सारांश
बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 60 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 11,343 लाख रुपये रहा है। रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी ने मैनेजमेंट स्तर पर भी बदलाव करते हुए नई नियुक्तियां की हैं।
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बलरामपुर चीनी मिल्स ने तीसरी तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है।
चीनी के कारोबार में देश की बड़ी कंपनी बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने आज अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही यानी दिसंबर में खत्म हुई अवधि के आंकड़ों को मंजूरी दी है। कंपनी के लिए यह तिमाही मुनाफे के लिहाज से काफी मीठी साबित हुई है क्योंकि इसके शुद्ध लाभ में पिछले साल की तुलना में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों पर नजर डालें तो इस तिमाही में इसका शुद्ध लाभ 11,343.04 लाख यानी 113.4304 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 7,047.05 लाख रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में 60 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अगर पिछली तिमाही यानी सितंबर 2025 से इसकी तुलना करें तो उस वक्त कंपनी का मुनाफा 5,389.17 लाख रुपये था। यानी तिमाही दर तिमाही आधार पर भी कंपनी ने दोगुने से ज्यादा की बढ़त दिखाई है। कंपनी की प्रति शेयर कमाई यानी ईपीएस भी बढ़कर 5.62 रुपये हो गई है जो पिछले साल 3.49 रुपये थी।
कंपनी के रेवेन्यू में भी इस तिमाही के दौरान अच्छी मजबूती देखने को मिली है। ऑपरेशन से होने वाला कुल रेवेन्यू 1,45,411.80 लाख रुपये दर्ज किया गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,19,214.71 लाख रुपये के करीब था। कंपनी की कुल आय जिसमें अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई भी शामिल है वह बढ़कर 1,46,364.96 लाख रुपये पर पहुंच गई है। खर्चों की बात करें तो इस तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 1,30,048.93 लाख रुपये रहा है। इसमें कच्चे माल की लागत सबसे ज्यादा रही है। कंपनी ने बताया है कि चीनी उद्योग मौसमी होता है इसलिए हर तिमाही के नतीजों की तुलना पूरे साल के प्रदर्शन से नहीं की जा सकती।
बलरामपुर चीनी मिल्स के मुख्य कारोबारी हिस्सों में चीनी और डिस्टिलरी प्रमुख हैं। चीनी सेगमेंट से कंपनी को इस तिमाही में 1,40,654.45 लाख रुपये का रेवेन्यू मिला है। पिछले साल दिसंबर तिमाही में यह 1,26,986.05 लाख रुपये था। वहीं डिस्टिलरी सेगमेंट के रेवेन्यू में भी बड़ा सुधार हुआ है और यह बढ़कर 35,331.44 लाख रुपये हो गया है। इसके अलावा कंपनी ने पॉलीलैक्टिक एसिड यानी पीएलए सेगमेंट से भी 839.96 लाख रुपये की आय दर्ज की है।
वित्तीय नतीजों के साथ ही कंपनी ने मैनेजमेंट के स्तर पर एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा की है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ममता बिनानी को कार्यकारी समिति का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव यानी 10 फरवरी 2026 से ही लागू हो गई है। डिविडेंड के मोर्चे पर कंपनी ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोर्ड ने पहले ही 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था जिसका भुगतान दिसंबर तिमाही के दौरान किया जा चुका है।
कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में सरकार द्वारा अधिसूचित नए लेबर कोड्स का भी जिक्र किया है जो 21 नवंबर 2025 से प्रभावी हुए हैं। कंपनी ने इसके तहत ग्रैच्युटी और अन्य कर्मचारी लाभों के लिए 36.49 लाख रुपये का प्रावधान किया है। फिलहाल कंपनी इन नियमों के असर का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है और आने वाले समय में जैसे जैसे केंद्र और राज्य सरकारों के नियम पूरी तरह स्पष्ट होंगे कंपनी उसी हिसाब से आगे की तैयारी करेगी। फिलहाल कंपनी का फोकस अपने काम को और अधिक कुशल बनाने पर है।
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