मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड April 08, 2026, 14:20 IST
सारांश
अमेरिकी कोर्ट ने अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने वाली याचिका पर सुनवाई की मंजूरी दे दी है। इस खबर के बाद अडानी ग्रीन और अडानी एंटरप्राइजेज समेत ग्रुप के सभी शेयरों में भारी तेजी देखी जा रही है। अडानी ग्रीन के शेयर 11 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

अडानी ग्रुप को कानूनी मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली है।
अडानी ग्रुप के लिए अमेरिका की एक अदालत से बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। न्यूयॉर्क की एक अदालत ने उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की उस अर्जी पर सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे धोखाधड़ी के मामले को खारिज करने की मांग की है। इस खबर के बाजार में फैलते ही भारतीय शेयर बाजार में अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में तूफान आ गया है। निवेशक इस फैसले को ग्रुप की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं, जिसकी वजह से ग्रुप के लगभग सभी स्टॉक्स में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है।
पूरा मामला नवंबर 2024 में तब शुरू हुआ था, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने अडानी समूह पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने भारत में सौर बिजली के ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को करोड़ों डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि उन्होंने अमेरिकी निवेशकों से पैसा जुटाते वक्त इस बात को छिपाया। लेकिन अब अडानी समूह के वकीलों ने कोर्ट में साफ कर दिया है कि यह मामला अमेरिकी कानून के दायरे से बाहर का है। वकीलों की दलीलों को सुनते हुए कोर्ट ने अब प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस के लिए अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे अब इस मामले के पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद जाग गई है।
जैसे ही बाजार में यह खबर पहुंची कि अमेरिकी अदालत इस मामले को खारिज करने की याचिका पर विचार करने को तैयार है, अडानी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त उछाल आ गया। सबसे ज्यादा फायदा अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में देखने को मिला, जो करीब 11.1 पर्सेंट की तेजी के साथ 1028.30 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं ग्रुप की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर भी पीछे नहीं रहे और इसमें 8.5 पर्सेंट की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। मीडिया कंपनी एनडीटीवी के शेयर में भी निवेशकों ने खूब दिलचस्पी दिखाई और यह 9.7 पर्सेंट तक ऊपर चला गया। अडानी के अन्य स्टॉक्स जैसे अडानी पोर्ट्स और अंबुजा सीमेंट में भी 5 से 7 पर्सेंट तक की तेजी देखी जा रही है।
अडानी समूह के वकीलों ने अदालत के सामने अपना पक्ष बहुत मजबूती से रखा है। उन्होंने कहा कि कथित रिश्वत की बात को साबित करने के लिए कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। वकीलों का कहना है कि जिस 75 करोड़ डॉलर के बॉन्ड की बात की जा रही है, उसे अमेरिका के बाहर बेचा गया था और इसमें अमेरिकी नियमों का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अडानी ग्रीन एनर्जी ने बॉन्ड के सभी हिस्से सीधे तौर पर अमेरिका के बाहर ही बेचे थे। कोर्ट को यह भी बताया गया कि साल 2024 में बॉन्ड की अवधि पूरी होने पर सभी निवेशकों को उनका पूरा पैसा और ब्याज चुका दिया गया था, इसलिए किसी भी निवेशक को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि अडानी ग्रुप के शेयरों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कानूनी मोर्चे पर मिली यह बड़ी सफलता है। वकीलों ने अदालत में जो दलील दी है कि यह पूरा मामला भारत का है और इसमें शामिल सभी कंपनियां और लोग भारतीय हैं, उससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कोर्ट ने अब अडानी समूह को 30 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है ताकि वे इस मामले को पूरी तरह खारिज करने के लिए अपना पक्ष रख सकें। निवेशकों को लग रहा है कि अगर यह मामला अमेरिका में खत्म हो जाता है, तो ग्रुप के फ्यूचर ऑपरेशन और रेवेन्यू पर इसका बहुत पॉजिटिव असर पड़ेगा। फिलहाल अडानी पावर और अडानी टोटल गैस जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी हो रही है, जिससे पूरे ग्रुप का मार्केट कैप तेजी से बढ़ रहा है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख