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  1. क्या सभी प्लैटिनम जूलरी के आयात पर लगेगा बैन, क्यों सरकार को उठाना पड़ा ऐसा कदम? FAQs का जवाब यहां

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क्या सभी प्लैटिनम जूलरी के आयात पर लगेगा बैन, क्यों सरकार को उठाना पड़ा ऐसा कदम? FAQs का जवाब यहां

Upstox

2 min read | अपडेटेड November 18, 2025, 14:37 IST

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सारांश

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने लेटेस्ट नोटिफिकेशन में कहा कि ‘प्लैटिनम’ जूलरी की आयात नीति को ‘तत्काल प्रभाव से 30 अप्रैल 2026 तक ‘मुक्त’ से ‘प्रतिबंधित’ में संशोधित किया गया है।’ आयातकों को अब इन वस्तुओं के आयात के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस लेना होगा।

प्लैटिनम जूलरी

क्या सभी तरह की प्लैटिनम जूलरी के आयात पर लगेगा बैन?

सरकार ने 17 नवंबर को कुछ प्रकार की प्लैटिनम जूलरी के आयात पर अगले साल अप्रैल तक बैन लगाने का ऐलान किया है। इससे जुड़े कुछ FAQs हैं, जिनका जवाब लोग जानना चाहते हैं, जैसे कि क्या हर तरह की प्लैटिनम जूलरी के आयात पर बैन लग रहा है? सरकार को यह फैसला क्यों लेना पड़ा? चलिए इन सभी सवालों के जवाब समझते हैं।

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क्या हर प्रकार की प्लैटिनम जूलरी के आयात पर बैन लगा है?

नहीं, सरकार ने कुछ प्रकार की प्लैटिनम’ जूलरी के आयात पर अगले साल अप्रैल तक बैन लगाने की घोषणा की है।

सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा?

यह कदम मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreement, FTA) के दुरुपयोग को रोकने के मकसद से उठाया गया है।

क्या इससे पहले भी इस तरह का कोई बैन लगाया गया है?

सरकार ने सितंबर में कुछ सिल्वर जूलरी के आयात पर अगले साल 31 मार्च तक बैन लगा दिया था। इस कदम का उद्देश्य थाईलैंड से बिना जड़ाऊ जूलरी के नाम पर चांदी के आयात पर अंकुश लगाना था।

भारत का आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संघ) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता है। थाईलैंड इस 10 राष्ट्र समूह का सदस्य है। भारत-आसियान वस्तुओं पर मुक्त व्यापार समझौते पर 2009 में हस्ताक्षर किए गए थे। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने लेटेस्ट नोटिफिकेशन में कहा कि ‘प्लैटिनम’ जूलरी की आयात नीति को ‘तत्काल प्रभाव से 30 अप्रैल 2026 तक ‘मुक्त’ से ‘प्रतिबंधित’ में संशोधित किया गया है।’ आयातकों को अब इन वस्तुओं के आयात के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस लेना होगा।

एक अधिकारी ने बताया कि कुछ व्यापारी शुल्कों में अंतर का फायदा उठाकर और शुल्क को दरकिनार करके जल्दी पैसा कमाने के लिए एफटीए का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘इसलिए हम इसके जरिए इसी पर कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए इस तरह के कंट्रोल लागू हैं।’

अधिकारी ने कहा, ‘...हम व्यापार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इन सभी नियमों से सीख रहे हैं और यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या नियम ऐसी व्यवस्था दे सकते हैं जिससे भविष्य में इस तरह के नोटिफिकेशन्स में उलझे बिना ही इसका समाधान किया जा सके।’

भाषा इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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