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गिग वर्कर्स के लिए श्रम मंत्रालय के क्या-क्या प्रस्ताव? सामाजिक सुरक्षा के लिए साल में 90 दिन काम जरूरी

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 03, 2026, 13:22 IST

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सारांश

नए नियमों के तहत, 16 साल या उससे अधिक उम्र के हर गिग वर्कर को 'आधार' जैसे डॉक्यूमेंट के आधार पर एक निर्धारित पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एक डिजिटल पहचान पत्र मिलेगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।

गिग वर्कर्स

श्रम मंत्रालय का प्रस्ताव, गिग कामगारों की सामाजिक सुरक्षा के लिए साल में 90 दिन का काम जरूरी

श्रम मंत्रालय ने ऐप-बेस्ड डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर और फ्रीलांसर जैसे अस्थायी वर्कर्स (गिग वर्कर) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए साल भर में कम-से-कम 90 दिन काम करने का प्रस्ताव रखा है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत बनाए गए नए मसौदा नियमों में यह प्रस्ताव रखा गया है। यह मसौदा 31 दिसंबर को जारी किया गया है और इस पर हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 समेत चार नए श्रम कानूनों को 21 नवंबर, 2025 को अधिसूचित किया था। मसौदा नियमों के मुताबिक, अगर कोई अस्थायी या ऑनलाइन प्लैटफॉर्म से जुड़ा वर्कर किसी एक कंपनी या ऐप के साथ पिछले फाइनेंशियल ईयर में कम-से-कम 90 दिन काम करता है, तो वह सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पात्र माना जाएगा। अगर इस पीरियड में वह एक से अधिक ऐप या कंपनियों के साथ काम करता है, तो कुल मिलाकर उसे न्यूनतम 120 दिन काम करना होगा। मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी दिन चाहे जितनी भी कमाई हुई हो, अगर उस दिन काम किया गया है तो उसे एक वर्किंग डे माना जाएगा।

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एक ऑर्डर भी पूरा करने पर माना जाएगा वर्किंग डे

अगर कोई डिलीवरी पार्टनर या कैब ड्राइवर किसी दिन ऐप के जरिए एक भी ऑर्डर या सफर को पूरा करता है, तो वह दिन उसके वर्किंग डे के रूप में गिना जाएगा। यहां तक कि अगर कोई व्यक्ति एक ही दिन में तीन अलग-अलग ऐप के लिए काम करता है, तो उसे तीन दिन का काम माना जाएगा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा कि ऐसे सभी गिग वर्कर इसमें शामिल होंगे, जिन्हें कंपनियां सीधे या किसी दूसरी सहयोगी कंपनी या एजेंसी के जरिए काम पर रखती हैं। हर कंपनी को अपने साथ जुड़े गिग वर्कर्स की जानकारी नियमित रूप से सरकारी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। जानकारी अपडेट नहीं होने पर वर्कर को सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाएगा।

समय पर कंपनियों ने नहीं जमा किया योगदान, तो क्या होगा?

नए नियमों के तहत, 16 साल या उससे अधिक उम्र के हर गिग वर्कर को 'आधार' जैसे डॉक्यूमेंट के आधार पर एक निर्धारित पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें एक डिजिटल पहचान पत्र मिलेगा, जिसे पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। गिग वर्कर के लिए एक अलग सामाजिक सुरक्षा कोष बनाया जाएगा, जिसमें कंपनियों से लिया गया योगदान जमा होगा। अगर कोई कंपनी तय समय पर यह योगदान जमा नहीं करती है, तो उसे हर महीने 1% ब्याज भी देना होगा।

PTI इनपुट के साथ

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