return to news
  1. टाटा मोटर्स ने बजट में शुरुआती स्तर के EVs के लिए प्रोत्साहन की मांग की, PM E-DRIVE स्कीम को लेकर क्या की डिमांड?

बिजनेस न्यूज़

टाटा मोटर्स ने बजट में शुरुआती स्तर के EVs के लिए प्रोत्साहन की मांग की, PM E-DRIVE स्कीम को लेकर क्या की डिमांड?

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 19, 2026, 12:28 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

Tata Motors Budget 2026 recommendations: टाटा मोटर्स ने शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए खास प्रोत्साहन और 'पीएम ई-ड्राइव' योजना के तहत कमर्शियल ऑपरेशन्स वाली इलेक्ट्रिक कारों को सहायता देने की मांग की है।

टाटा मोटर्स

टाटा मोटर्न ने बजट में शुरुआती स्तर के EVs के लिए प्रोत्साहन की मांग की

Tata Motors Budget 2026 recommendations: यूनियन बजट 2026-27 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन पेश करेंगी। इससे पहले टाटा मोटर्स ने शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए खास प्रोत्साहन और 'पीएम ई-ड्राइव' योजना के तहत कमर्शियल ऑपरेशन्स वाली इलेक्ट्रिक कारों को सहायता देने की मांग की है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के प्रबंध निदेशक और सीईओ शैलेश चंद्रा ने कहा कि जीएसटी सुधारों, रेपो दर में कटौती और टैक्स सिस्टम में बदलाव जैसे सरकारी हस्तक्षेपों ने यात्री वाहन उद्योग में मांग को फिर से बढ़ा दिया है, लेकिन शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहन अब भी बिक्री के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

उन्होंने कहा, 'मैं पैसेंजर गाड़ी और इलेक्ट्रिक गाड़ी इंडस्ट्री को फिर से गति देने के लिए सरकार की सराहना करता हूं। बजट में दो चीजों पर गौर किया जा सकता है। पहला, इलेक्ट्रिक वाहनों के शुरुआती सेगमेंट पर काफी दबाव है और दूसरा कि क्या सरकार इस पर कुछ प्रोत्साहन देने पर विचार कर सकती है।' चंद्रा ने बताया कि वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax, GST) सुधारों के बाद पेट्रोल कारों की कीमतों में कमी आई है, जिससे शुरुआती स्तर के इलेक्ट्रिक वाहनों पर प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ गया है।

कमर्शियल सेक्टर की कारें फेम-2 योजना का हिस्सा

उन्होंने जिक्र किया कि सरकार ने पिछले साल जीएसटी 2.0 और रेपो रेट में कटौती जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिससे समग्र पैसेंजर गाड़ी इंडस्ट्री की मांग बढ़ी है। विस्तार से बताते हुए चंद्रा ने कहा कि कमर्शियल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले ईवी, कुल यात्री वाहन बिक्री का केवल 7% हैं, लेकिन कुल यात्री किलोमीटर में उनका योगदान लगभग 33-35% है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कमर्शियल सेक्टर की इलेक्ट्रिक कारें फेम-2 योजना का हिस्सा थीं, लेकिन वे पीएम ई-ड्राइव योजना में शामिल होने से रह गई हैं।

क्या जल्द ही बढ़ सकते हैं गाड़ियों के दाम?

चंद्रा ने कहा कि एक कमर्शियल कार सामान्य यात्री कार की तुलना में पांच गुना अधिक चलती है। इसलिए, इस सेक्टर को मिलने वाली सहायता का पर्यावरण और तेल आयात पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार इसे पीएम ई-ड्राइव में शामिल करने पर विचार कर सकती है। गाड़ियों की कीमतें बढ़ाने की योजना के सवाल पर चंद्रा ने कहा कि विदेशी मुद्रा विनिमय दर संबंधी दिक्कतों और कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण कंपनी के मार्जिन पर 2% का असर पड़ा है, जिसका बोझ अभी तक उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम तय करेंगे कि कीमतों में कितनी और कब बढ़ोतरी करनी है। इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी।

भाषा इनपुट के साथ
मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख