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कितना खास है वेनेजुएला का हैवी क्रूड ऑयल? इसकी बाजार में डिमांड से रिजर्व तक... यहां समझिए पूरी स्टोरी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड January 05, 2026, 12:47 IST

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सारांश

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, जिसका मुख्य हिस्सा 'हैवी क्रूड ऑयल' है। यह तेल सामान्य तेल से गाढ़ा और निकालने में कठिन होता है, लेकिन डीजल और डामर बनाने के लिए इसकी मांग सबसे ज्यादा है। हालिया अमेरिकी हमले के बाद इस 'काले सोने' पर वैश्विक नियंत्रण की जंग तेज हो गई है।

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वेनेजुएला की ओरिनोको बेल्ट में स्थित दुनिया का सबसे विशाल भारी कच्चे तेल का भंडार।

दुनिया के नक्शे पर वेनेजुएला एक ऐसा देश है जिसके पास जमीन के नीचे 'काले सोने' का अथाह समंदर है। जनवरी 2026 में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान वेनेजुएला के 'हैवी क्रूड ऑयल' यानी भारी कच्चे तेल की ओर खींच लिया है। ओपेक (OPEC) और एनर्जी इंस्टीट्यूट (London) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल का प्रमाणित तेल भंडार है, जो इसे दुनिया में पहले नंबर पर रखता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह भारी तेल इतना खास क्यों है और क्यों बड़ी महाशक्तियां इस पर नजर गड़ाए बैठी हैं।

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क्या होता है हैवी क्रूड ऑयल?

साधारण कच्चा तेल पानी की तरह पतला होता है जिसे आसानी से पाइपों के जरिए निकाला जा सकता है, लेकिन वेनेजुएला का अधिकतर तेल 'हैवी' या 'एक्स्ट्रा हैवी' कैटेगरी का है। यह तेल गुड़ के शीरे जैसा गाढ़ा और चिपचिपा होता है। यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के अनुसार, इसमें सल्फर और धातुओं की मात्रा अधिक होती है। इसकी खासियत यह है कि जब इसे रिफाइन किया जाता है, तो इससे बड़ी मात्रा में डीजल, जेट फ्यूल और डामर (Asphalt) प्राप्त होता है। दुनिया भर में भारी मशीनरी, जहाजों और ट्रकों को चलाने के लिए जिस डीजल की जरूरत होती है, उसके लिए वेनेजुएला का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है।

बाजार में इस तेल की भारी मांग क्यों है?

वेनेजुएला के तेल की मांग सबसे ज्यादा अमेरिका के खाड़ी तट (Gulf Coast), चीन और भारत की रिफाइनरियों में रहती है। एडीआई एनालिटिक्स की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका की कई बड़ी रिफाइनरियां विशेष रूप से भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए ही बनाई गई हैं। हल्का तेल (जैसे अमेरिकी शेल ऑयल) डीजल बनाने में उतना कारगर नहीं होता, जितना वेनेजुएला का भारी तेल। इसीलिए जब भी वेनेजुएला से सप्लाई रुकती है, तो पूरी दुनिया में डीजल की कीमतें बढ़ने लगती हैं और सड़क निर्माण के लिए जरूरी डामर की कमी हो जाती है।

क्या इसे प्लांट में तैयार किया जा सकता है?

कच्चा तेल एक प्राकृतिक संसाधन है जिसे लैब या प्लांट में कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, हैवी क्रूड को पाइपलाइन के जरिए भेजने लायक बनाने के लिए इसे 'अपग्रेडर्स' (Upgraders) नामक बड़े प्लांट में प्रोसेस किया जाता है। इस प्रक्रिया से जो तेल निकलता है उसे 'सिंथेटिक क्रूड' कहा जाता है। यह रिफाइनिंग के लिए तैयार होता है। वेनेजुएला की ओरिनोको बेल्ट में ऐसे कई प्लांट लगे हैं जो इस गाढ़े तेल को पतला कर दुनिया भर में भेजने लायक बनाते हैं।

तेल की कमाई पर ही टिकी है इस देश की इकोनॉमी

वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से इसी तेल पर टिकी है। देश के कुल एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा तेल की बिक्री से ही आता है। हालांकि, उत्पादन के मामले में यह देश पिछड़ गया है। 1990 के दशक में जहां वेनेजुएला 35 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन करता था, वहीं साल 2025 के अंत तक यह आंकड़ा गिरकर केवल 11 लाख बैरल के आसपास रह गया है। भंडार के मामले में वेनेजुएला (303 अरब बैरल) के बाद सऊदी अरब (267 अरब बैरल) और कनाडा (163 अरब बैरल) का नंबर आता है। कनाडा के पास भी वेनेजुएला जैसा ही भारी तेल (ऑयल सैंड्स) है, लेकिन उसे निकालने की लागत बहुत ज्यादा आती है।

वेनेजुएला की इकोनॉमी पिछले एक दशक से गंभीर संकट में है। सालों तक चले प्रतिबंधों और कुप्रबंधन के कारण तेल बुनियादी ढांचा जर्जर हो चुका है। साल 2017 से 2021 के बीच देश ने भयंकर महंगाई (Hyperinflation) का सामना किया। हालांकि, साल 2025 में उत्पादन में थोड़ी रिकवरी देखी गई थी, लेकिन जनवरी 2026 में अमेरिकी हमले और पोर्ट ब्लॉक होने के कारण अब तेल निर्यात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वेनेजुएला के तेल भंडार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से खड़ा करने में किया जाएगा। ताकि देश की इकोनॉमी को पटरी पर लाया जा सके।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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