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5 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 13:53 IST
सारांश
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश बजट पेश किया जा चुका है। मेडिकल और हेल्थ केयर सेक्टर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने खास ध्यान दिया है, इसके अलावा एजुकेशन सेक्टर पर ध्यान दिया गया है। एक नजर डालते हैं बजट की अहम घोषणाओं पर।

उत्तर प्रदेश बजट में क्या कुछ है खास?
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2% अधिक है। इसे राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने रोजगार, अवस्थापना विकास और मेडिकल हेल्थ समेत अलग-अलग मुद्दों को खास तवज्जो दी है। राज्य वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए पेश 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पिछले साल के मुकाबले करीब 12.2% अधिक है। उन्होंने कहा, ‘इस बजट में कैपिटल खर्च 19.5% है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार की गई 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के हिसाब से फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय की गई है। यह सीमा 2030-31 तक प्रभावी रहेगी।’
खन्ना ने प्रमुख चीजों में किए गए आवंटन का जिक्र करते हुए कहा, ‘एजुकेशन और मेडिकल के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रम से 12.4 और 6% है। इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की 9% है।’ वित्त मंत्री ने कहा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए लगभग 1374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि मेडिकल एजुकेशन के लिए 14,997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मौजूदा समय में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज में से 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं और 36 प्राइवेट सेक्टर द्वारा संचालित किया जा रहे हैं। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के इलाज के लिए फ्री मेडिकल सुविधा के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
खन्ना ने बताया कि मेडिकल, हेल्थ और परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के मुकाबले 15% अधिक है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8,641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। ‘आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन’ योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2,867 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वित्त वर्ष 2025 26 के मुकाबले 13% अधिक है। मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण और नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट और स्मार्टफोन के वितरण की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए 2,374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। ‘अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन’ के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं ‘फॉर्च्यून 500’ कंपनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति 2023 के क्रियान्वयन के लिए 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री ने बताया कि ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना के लिए समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इनमें 35,280 करोड़ रुपये का निवेश होने और 53263 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 19% अधिक है। प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
नई योजना ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। खन्ना ने बताया कि हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग के लिए करीब 541 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में पांच गुना है। वित्त वर्ष 2026-27 में वस्त्र उद्योग के क्षेत्र में रोजगार के 30 हजार अवसर उत्पन्न करने का लक्ष्य है। कंबल उत्पादन केंद्र गोरखपुर के आधुनिकीकरण के लिए नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिए 7 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक की योजनाओं के लिए 2,059 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 76% अधिक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में विकास के लिए उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है जिसके लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
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