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Strait of Hormuz: ईरान ने भारत के लिए खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, यहां समझिए क्या है इसके मायने

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 26, 2026, 12:25 IST

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सारांश

Strait of Hormuz: ईरान का यह बयान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को खोलने की अपील की थी। इसके साथ ही गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने का आग्रह भी किया।

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz: भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से मंगाता है।

Strait of Hormuz: ईरान की ओर से भारत के लिए अच्छी खबर आ रही है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने गुरुवार को कहा कि “दोस्त देशों” के जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दी गई है, जिसमें भारत का नाम साफ तौर पर शामिल है। इस फैसले से भारत की LPG और ऊर्जा से जुड़ी परेशानी कुछ हद तक कम हो सकती है, जिसका असर कई इंडस्ट्री पर पड़ रहा था। ईरान ने साफ कहा कि भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों को भी इस रास्ते से गुजरने की इजाजत दी गई है।
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संयुक्त राष्ट्र ने की थी अपील

ईरान का यह बयान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को खोलने की अपील की थी। इसके साथ ही गुटेरेस ने अमेरिका और इजराइल से पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने का आग्रह भी किया। इससे एक दिन पहले न्यूयॉर्क में ईरान के मिशन ने कहा था कि जो देश ईरान के खिलाफ नहीं हैं, उनके जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजरने दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए पहले से ईरानी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन करना जरूरी होगा।

"शर्तों के साथ खुला है रास्ता"

ईरान की डिफेंस काउंसिल ने भी साफ कर दिया है कि यह रास्ता पूरी तरह खुला नहीं है, बल्कि शर्तों के साथ खुला है। यानी जहाजों को पहले अनुमति लेनी होगी और यह पूरा सिस्टम ईरान अपने हिसाब से कंट्रोल कर रहा है। इससे साफ है कि ईरान इस रास्ते को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

इसी दौरान विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इजराइल को भी संदेश दिया कि वे युद्ध खत्म करें, क्योंकि इससे आम लोगों की मौत बढ़ रही है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो पड़ोसी देश इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं, उन पर हमला बंद होना चाहिए।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज

अब अगर Strait of Hormuz की अहमियत समझें, तो भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से मंगाता है। हाल ही में फारस की खाड़ी में भारत के 22 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें से 20 जहाज भारत की ऊर्जा सप्लाई के लिए बहुत जरूरी हैं। भारत ने हाल ही में दो जहाजों INS Shivalik और INS Nanda Devi को सुरक्षित निकाल लिया है। लेकिन सिर्फ ये दो जहाज देश की पूरी ऊर्जा जरूरत को पूरा करने के लिए काफी नहीं हैं।

इस पूरे फैसले के पीछे एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी छिपा है। ईरान का भारत को खुले तौर पर “दोस्त देश” कहना यह दिखाता है कि भारत ने पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद ईरान के खिलाफ सख्त कदम या प्रतिबंधों में पूरी तरह साथ नहीं दिया। साथ ही ईरान यह भी दिखाना चाहता है कि उसके पास अभी भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदार हैं, जिससे वह पश्चिमी देशों पर दबाव बना सके।

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