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  1. RBI मार्च में ₹1 लाख करोड़ लिक्विडिटी करेगा इंजेक्ट, ओपन मार्केट ऑपरेशन की तारीख बताई

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RBI मार्च में ₹1 लाख करोड़ लिक्विडिटी करेगा इंजेक्ट, ओपन मार्केट ऑपरेशन की तारीख बताई

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 06, 2025, 12:55 IST

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सारांश

RBI Liquidity measures: भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी दी है कि सिस्टम में लिक्विडिटी के हालात को देखते हुए मार्च में दो दिन कुल ₹1 लाख करोड़ के ओपन मार्केट ऑपरेशन्स किए जाएंगे। इसके अलाव $10 अरब का फॉरेक्स स्वॉप भी होगा। इसके पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने दिसंबर से जनवरी के बीच बढ़े लिक्विडिटी डेफिसिट को देखते हुए OMO की सलाह दी थी।

दिसंबर, 2024 के बाद जनवरी, 2025 में बढ़ा है लिक्विडिटी डेफिसिट।

दिसंबर, 2024 के बाद जनवरी, 2025 में बढ़ा है लिक्विडिटी डेफिसिट।

बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी इंजेक्ट करने का भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) का सिलसिला जारी है। रिजर्व बैंक इस महीने दो दिन भारत सरकार की सिक्यॉरिटीज खरीदेगा। RBI ने ऐलान किया है कि इसके लिए ओपन मार्केट ऑपरेशन लॉन्च किया जाएगा। साथ ही ₹10 अरब के अमेरिकी डॉलर और भारतीय रुपये के स्वॉप का प्लान भी है।

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इसके पहले 28 फरवरी को RBI ने अमेरिकी डॉलर-रुपये का स्वॉप किया था जिससे सिस्टम में $10 अरब की लिक्विडिटी इंजेक्ट की गई थी। इसके जरिए अर्थव्यवस्था में डिमांड बढ़ाई जाती है।

लिक्विडिटी के हालात को देखते हुए रिजर्व बैंक ने बुधवार को OMO का ऐलान किया है। इसके तहत 12 मार्च और 18 मार्च को भारत सरकार की सिक्यॉरिटीज खरीदी जाएंगी। दोनों दिन ₹50 हजार करोड़ की सिक्यॉरिटीज की खरीद, यानी कुल ₹1 लाख करोड़ के OMO होंगे।

इसके बाद 24 मार्च को 36 महीने के टेनर वाले $10 अरब के USD/INR खरीद/बिक्री स्वॉप नीलामी होगी।

रिजर्व बैंक का कहना है कि वह लिक्विडिटी और बाजार के हालात पर नजर रखे है। लिक्विडिटी के हालात सही रखने के लिए बैंक कदम भी उठाता रहेगा।

इसके पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक रिसर्च रिपोर्ट में ऐसी ही सलाह दी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि केंद्रीय बैंक के कई कदम उठाने के बावजूद सिस्टम में लिक्विडिटी की कमी है।

टैक्स आउटफ्लो, फॉरेक्स मार्केट और कैपिटल मार्केट के असर के चलते ऐसा हुआ है। रिपोर्ट में मार्च के आखिर तक ₹1 लाख करोड़ इंजेक्ट करने की सलाह दी गई थी।

लिक्विडिटी डेफिसिट दिसंबर 2024 में ₹65 हजार से जनवरी 2025 में ₹2.07 लाख करोड़ पर पहुंच गया था। इसमें फरवरी में कुछ कमी आई थी और यह ₹1.59लाख करोड़ पर आ गया था लेकिन क्रेडिट डिमांड के बढ़ने और वित्त वर्ष के आखिर में टैक्स आउटफ्लो के बढ़ने के चलते यह अभी भी दबाव में ही है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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