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RBI MPC: गवर्नर संजय मल्होत्रा की स्पीच की 8 बड़ी बातें, समझिए आरबीआई पॉलिसी के क्या हैं मायने

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड April 08, 2026, 11:01 IST

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सारांश

RBI MPC: संजय मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में किसी भी तरह की रुकावट से भारत की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा El Niño जैसे मौसम के हालात भी एक बड़ा जोखिम बन सकते हैं, क्योंकि इसका असर कृषि पर पड़ता है।

RBI MPC

RBI MPC: गवर्नर ने कहा कि अच्छी बात यह है कि भारत की घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है।

RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 08 अप्रैल को नए वित्त वर्ष की पहली पॉलिसी का ऐलान किया। RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा गया है। इसके साथ ही पॉलिसी स्टांस को न्यूट्रल रखा है। गवर्नर मल्होत्रा का कहना है कि विकास की गति को मजबूत निजी खपत और लगातार निवेश की मांग से समर्थन मिल रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आयातित महंगाई बढ़ा सकती हैं और इससे चालू खाते का घाटा (CAD) भी बढ़ सकता है। यहां RBI गवर्नर की पूरी स्पीच की 8 बड़ी बातें दी गई है।
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महंगाई को लेकर क्या है अनुमान?

महंगाई Q1 में 4% रहने का अनुमान है, जो Q2 में 4.4% और Q3 में 5.2% तक जा सकती है। हालांकि Q4 में यह फिर घटकर 4.7% होने की उम्मीद है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से आयातित महंगाई बढ़ सकती है और चालू खाता घाटा (CAD) भी बढ़ सकता है। साथ ही अगर दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी होती है, तो भारत के एक्सपोर्ट और विदेश से आने वाले पैसे पर असर पड़ सकता है।

GDP ग्रोथ पर RBI ने क्या कहा?

नए GDP डेटा के अनुसार पिछले साल भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.6% रही। इस साल के लिए RBI ने तिमाही के हिसाब से ग्रोथ का अनुमान दिया है। इसमें Q1 में 6.8%, Q2 में 6.7%, Q3 में 7% और Q4 में 7.2% रहने की उम्मीद है।

जियोपॉलिटिकल और मौसम से खतरा

संजय मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में किसी भी तरह की रुकावट से भारत की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा El Niño जैसे मौसम के हालात भी एक बड़ा जोखिम बन सकते हैं, क्योंकि इसका असर कृषि पर पड़ता है।

घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति

गवर्नर ने कहा कि अच्छी बात यह है कि भारत की घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। ग्रामीण मांग मजबूत है और शहरी खपत भी बढ़ने की उम्मीद है, खासकर GST में बदलाव और सर्विस सेक्टर की तेजी की वजह से। निजी निवेश भी बढ़ रहा है, क्योंकि कंपनियां अपनी क्षमता का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं और बैंक से लोन लेना आसान है।

कृषि और सप्लाई सपोर्ट

कृषि क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है कि जलाशयों में पानी का स्तर अच्छा है, जिससे उत्पादन को सहारा मिलेगा। साथ ही सरकार ने जरूरी सेक्टर्स में सप्लाई बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी की है, ताकि सप्लाई चेन में दिक्कत कम हो।

FD और ब्याज दरों पर असर

रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। क्योंकि बैंक लोन और डिपॉजिट की दरें तय करने में रेपो रेट को आधार मानते हैं, इसलिए अभी तुरंत दरें बदलने का दबाव नहीं है।

होम लोन EMI पर असर

होम लोन लेने वालों के लिए यह राहत की खबर है। ज्यादातर होम लोन रेपो रेट से जुड़े होते हैं, इसलिए जब रेपो रेट नहीं बदलता, तो EMI भी फिलहाल स्थिर रहती है। यानी निकट भविष्य में EMI बढ़ने की संभावना कम है।

बिजनेस आसान बनाने के लिए RBI के 3 कदम

RBI चाहता है कि बैंकों के बोर्ड अपना समय ज्यादा जरूरी फैसलों पर लगाएं, जिससे निर्णय जल्दी और प्रभावी हों। इसके अलावा नियमों को आसान बनाया जा रहा है। पहले करीब 9,000 नियम और निर्देश थे, जिन्हें अब घटाकर 238 “Master Directions” में समेट दिया गया है। इससे नियम समझना आसान हो गया है। छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) के लिए बिजनेस करना आसान बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया जा रहा है, ताकि उन्हें कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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