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3 min read | अपडेटेड January 19, 2026, 18:57 IST
सारांश
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ऋण मूल्यांकन मॉडल उपलब्ध डिजिटल और वेरिफिकेशन योग्य डेटा का फायदा उठाता है। यह सभी लोन एप्लिकेशनों के लिए निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया का उपयोग करते हुए एमएसएमई ऋण मूल्यांकन के लिए ऑटोमेटेड मार्ग तैयार करता है।

सरकारी बैंकों ने डिजिटल ऋण मॉडल के तहत 52,300 करोड़ रुपये के एमएसएमई ऋण मंजूर किए
वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि डिजिटल ऋण मूल्यांकन (Credit Assessment Model, CAM) प्रोग्रामों के तहत पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने 1 अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 के बीच 52,300 करोड़ रुपये से अधिक के 3.96 लाख से ज्यादा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (Micro, Small & Medium Enterprises, MSMEs) लोन एप्लिकेशन्स को मंजूरी दी है। पब्लिक सेक्टर के बैंकों (पीएसबी) ने 2025 में एमएसएमई के लिए डिजिटल गतिविधियों के रिकॉर्ड पर आधारित ऋण मूल्यांकन मॉडल (सीएएम) की शुरुआत की थी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह ऋण मूल्यांकन मॉडल उपलब्ध डिजिटल और वेरिफिकेशन योग्य डेटा का फायदा उठाता है। यह सभी लोन एप्लिकेशनों के लिए निष्पक्ष निर्णय प्रक्रिया का उपयोग करते हुए एमएसएमई ऋण मूल्यांकन के लिए ऑटोमेटेड मार्ग तैयार करता है।
यह मॉडल बैंक के मौजूदा ग्राहकों (Existing to Bank, ETB) के साथ ही नए एमएसएमई उधारकर्ताओं (New to Bank, NTB) दोनों के लिए मॉडल आधारित लोन लिमिट का आकलन करता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, '1 अप्रैल से 31 दिसंबर, 2025 के बीच पब्लिक सेक्टर के बैंकों द्वारा डिजिटल ऋण मूल्यांकन प्रोग्रामों के तहत 52,300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के 3.96 लाख से अधिक एमएसएमई लोन एप्लिकेशनों को स्वीकृति दी गई है।' इस मॉडल द्वारा केवाईसी प्रमाणीकरण, मोबाइल और ईमेल वेरिफिकेशन, जीएसटी डेटा विश्लेषण, बैंक स्टेटमेंट विश्लेषण (अकाउंट एग्रीगेटर के माध्यम से), आयकर रिटर्न (आईटीआर) वेरिफिकेशन और क्रेडिट सूचना कंपनियों (सीआईसी) के डेटा का उपयोग करके जांच, धोखाधड़ी की पहचान आदि के लिए डिजिटल ‘फुटप्रिंट्स’ का उपयोग किया जाता है।
ऐसे मॉडलों के इस्तेमाल से एमएसएमई को मिलने वाले फायदों में ऑनलाइन जरिए कहीं से भी एप्लिकेशन जमा करना, कागजी कार्रवाई और ब्रांचों तक जाने में कमी, डिजिटल मोड से इंस्टैंट इन-प्रिंसिपल अप्रूवल, क्रेडिट प्रपोजल का सुचारू प्रोसेसिंग, एंड टू एंड संपूर्ण प्रक्रिया (straight through process, STP), टर्नअराउंड टाइम (टीएटी) में कमी, ऑब्जेक्टिव डेटा/ट्रांजैक्शनल बिहेवियर और क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर क्रेडिट डिसीजन और सीजीटीएमएसई जैसी क्रेडिट गारंटी योजनाओं का एकीकरण शामिल हैं।
ग्राहक के डिजिटल फुटप्रिंट (जीएसटी, आयकर रिपोर्ट, बैंक खाता विवरण, सीआईसी रिपोर्ट आदि) के आधार पर एमएसएमई ऋणों के लिए तत्काल इन-प्रिंसिपल स्वीकृति।
विभिन्न एपीआई के जरिए डिजिटल रूप से हासिल डेटा के आधार पर उचित जांच पड़ताल की जा रही है।
निर्णय लेने में लगने वाला समय कम हो जाता है और सीजीटीएमएसई जैसे क्रेडिट गारंटी पोर्टलों के साथ एकीकरण संभव हो जाता है।
लोन लेने वालों को लोन एप्लिकेशन के लिए ब्रांचों में जाने की जरूरत नहीं है। एमएसएमई प्रवर्तकों को 24/365 आधार पर कहीं से भी लोन के लिए आवेदन करने की सुविधा प्राप्त है।
आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध है और लोन की स्वीकृति के दौरान वास्तविक प्रतियां जमा करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
लोन आवेदन पूरा होते ही, निर्णय की सूचना आवेदक को ऑनलाइन दी जाएगी, जिससे प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो जाएगा।
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