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  1. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच समझिए क्रूड ऑयल में और कितनी आ सकती है तेजी?

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प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच समझिए क्रूड ऑयल में और कितनी आ सकती है तेजी?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड March 22, 2026, 13:35 IST

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सारांश

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी के इस फैसले के बाद अब ग्लोबल मार्केट पर नजरें हैं। सऊदी अधिकारियों का मानना है कि अगर सप्लाई में रुकावट जारी रही, तो कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।

पेट्रोल और डीजल के दाम

प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और कच्चे तेल के बाजार में मची हलचल।

भारत में गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। देश की बड़ी तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफा कर दिया है। लेकिन परेशानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार से जो खबरें आ रही हैं, वे और भी डराने वाली हैं। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में आसमान छू सकती हैं। भारत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी उसी बड़े संकट का एक छोटा सा हिस्सा है जो दुनिया भर के एनर्जी सेक्टर पर मंडरा रहा है।

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प्रीमियम पेट्रोल के दाम में कितनी हुई बढ़ोतरी?

भारत की दिग्गज तेल कंपनियों जैसे बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी ने 20 मार्च को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया, जिससे बीपीसीएल का स्पीड, एचपीसीएल का पावर और आईओसी का एक्सपी 95 अब महंगा हो गया है। इन ईंधनों की कीमतों में 2.09 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। कंपनियों का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से उन पर ऑपरेशनल प्रेशर बढ़ रहा था। प्रीमियम पेट्रोल को बेहतर परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है, इसलिए इसकी डिमांड भी काफी रहती है। अब इस बढ़ोतरी के बाद प्रीमियम गाड़ियां चलाने वाले लोगों को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

कच्चे तेल की कीमतों में आ सकता है बड़ा उछाल

दुनिया भर के बाजार में इस वक्त कच्चे तेल को लेकर काफी हलचल मची हुई है। सऊदी अरब के अधिकारियों ने एक ऐसी रिपोर्ट तैयार की है जिसमें कच्चे तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने की बात कही गई है। अगर ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से सप्लाई में रुकावट अप्रैल के अंत तक जारी रहती है, तो कीमतें इस डरावने स्तर तक पहुंच सकती हैं। सऊदी अरब को चिंता है कि अगर लंबे समय तक युद्ध चला, तो इससे तेल की कीमतों में भारी तेजी आएगी, जिससे पूरी दुनिया की इकोनॉमिक स्टेबिलिटी और तेल की मांग को बड़ा नुकसान हो सकता है। अधिकारियों को डर है कि इतनी ऊंची कीमतों से 'डिमांड डिस्ट्रक्शन' की स्थिति पैदा हो सकती है, जहां लोग तेल का इस्तेमाल ही कम कर देंगे या आर्थिक रफ्तार सुस्त पड़ जाएगी।

युद्ध के कारण सप्लाई चेन पर बुरा असर

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष ने खाड़ी देशों में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान ने दक्षिण पारस गैस क्षेत्र पर इजरायली हमले का बदला लेने के लिए कतर के रास लफान और सऊदी अरब के यानबू जैसे ठिकानों को निशाना बनाया है। इस तनाव की वजह से ब्रेंट क्रूड की कीमतें, जो युद्ध शुरू होने से पहले लगभग 70 डॉलर थीं, अब काफी बढ़ चुकी हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत एक समय पर 119 डॉलर के पार चली गई थी। हालांकि 20 मार्च 2026 की सुबह यह 105.53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 92.95 डॉलर के स्तर पर देखा गया।

क्या है अनुमान?

सऊदी अरब के अधिकारियों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में बाजार में तेल की कमी और भी बढ़ सकती है क्योंकि युद्ध से पहले का स्टॉक अब खत्म हो रहा है। रेड सी के रास्ते एशिया जाने वाले सऊदी कच्चे तेल की कीमत पहले ही 125 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई है। अगर होर्मुज का रास्ता बंद रहता है और सप्लाई में सुधार नहीं होता है, तो अप्रैल की शुरुआत तक तेल 150 डॉलर और फिर महीने के अंत तक 180 डॉलर तक पहुंच सकता है। ऊंची कीमतों से तेल उत्पादक देशों को रेवेन्यू तो मिलता है, लेकिन बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव फ्यूचर में मार्केट के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। सऊदी अरामको मई की डिलीवरी के लिए तेल की कीमतें 2 अप्रैल तक तय करेगी, जिसमें ग्राहकों की डिमांड और सप्लाई की स्थिति को देखा जाएगा।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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