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  1. मिडिल ईस्ट जंग के बीच पीएम मोदी की हाई-लेवल मीटिंग, खाद से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की सप्लाई पर पैनी नजर

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मिडिल ईस्ट जंग के बीच पीएम मोदी की हाई-लेवल मीटिंग, खाद से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की सप्लाई पर पैनी नजर

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 02, 2026, 07:38 IST

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सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के चलते देश की स्थिति का जायजा लिया। इस बैठक में खेती, खाद, शिपिंग और एविएशन जैसे सेक्टरों पर पड़ने वाले असर को कम करने के उपायों पर बात हुई। सरकार ने कालाबाजारी रोकने और कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए हैं ताकि सप्लाई चेन न बिगड़े और जनता को परेशानी न हो।

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देश के पीएम नरेंद्र मोदी

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और टकराव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की एक बेहद अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालात से भारत पर पड़ने वाले असर की समीक्षा करना और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाना था। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस अंतरराष्ट्रीय संकट का बोझ देश के आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए। बैठक में खेती, खाद, शिपिंग, एविएशन, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों को कम करने के लिए किए जा रहे कामों की विस्तार से जानकारी ली गई।

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जरूरी सामानों की सप्लाई और कीमतों पर लगाम

प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान साफ निर्देश दिए कि देश में जरूरी चीजों की कीमतों को स्थिर रखा जाए। सरकार ने इसके लिए कमर कस ली है और जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की तैयारी की है। आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तालमेल बिठाने के लिए स्पेशल कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। ये कंट्रोल रूम लगातार कीमतों की मॉनिटरिंग करेंगे और आवश्यक वस्तु कानून को सख्ती से लागू करने में मदद करेंगे। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि मार्केट में सामान की कमी न होने पाए और कीमतें कंट्रोल में रहें।

ऊर्जा और बिजली सेक्टर को मजबूती देने की तैयारी

पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए फ्यूल की सप्लाई को लेकर भी बड़ी रणनीति बनाई गई है। सरकार एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई के लिए नए रास्तों और देशों की तलाश कर रही है ताकि किसी एक जगह पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में फ्यूल ड्यूटी कम करने और बिजली सेक्टर को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई ताकि आम आदमी को बिजली और गैस की किल्लत न हो। इसके अलावा देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो आने वाले महीनों में बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी होगा। इससे बिजली संकट का खतरा काफी हद तक टल गया है।

खेती और खाद की उपलब्धता पर फोकस

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने देश में खाद की उपलब्धता की समीक्षा की। आने वाले खरीफ और रबी सीजन के लिए खाद की कमी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। यूरिया के घरेलू प्रोडक्शन को बनाए रखने के साथ-साथ डीएपी और एनपीकेएस खाद की सप्लाई के लिए विदेशी सप्लायर्स के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। पीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि खाद की सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए ताकि खेती-किसानी के काम पर कोई बुरा असर न पड़े।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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